हांसी में सीएम फ्लाइंग की बड़ी कार्रवाई: खाद दुकानों पर छापेमारी, स्टॉक रिकॉर्ड में गड़बड़ी उजागर
हिसार जिले के हांसी में शुक्रवार को सीएम फ्लाइंग टीम ने खाद विक्रेताओं की दुकानों पर सख्त कार्रवाई करते हुए छापेमारी की। इस दौरान कई दुकानों पर स्टॉक रिकॉर्ड में हेराफेरी, खाद का अनुचित भंडारण, और नियमों के उल्लंघन के मामले सामने आए।
यह कार्रवाई सीएम फ्लाइंग हिसार रेंज इंचार्ज सुनैना के नेतृत्व में की गई। टीम में एएसआई सुरेंद्र, एचसी विजय, और उपमंडल कृषि अधिकारी डॉ. प्रीति वर्मा शामिल रहीं। टीम को सूचना मिली थी कि कुछ खाद विक्रेता किसानों को निर्धारित दर से अधिक कीमत पर खाद बेच रहे हैं और स्टॉक रिकॉर्ड में अनियमितता कर रहे हैं।
सूचना के आधार पर कृषि विभाग के साथ संयुक्त छापेमारी करते हुए चौधरी कृषि भंडार की जांच की गई।
जांच में मिला बड़ा अंतर
दुकान मालिक विशाल की मौजूदगी में जब स्टॉक और रिकॉर्ड का मिलान किया गया, तो पाया गया कि गोदाम में डीएपी खाद के 248 बैग मौजूद थे, जबकि पीओएस मशीन के रिकॉर्ड में केवल 238 बैग दर्ज थे। यानी, 10 बैग अतिरिक्त पाए गए।
हालांकि, यूरिया के 3750 बैग का स्टॉक सही पाया गया।
टीम ने यह भी पाया कि गोदाम में गेहूं और खाद को एक साथ रखा गया था, जो कृषि विभाग के नियमों का उल्लंघन है। साथ ही, दुकान पर स्टॉक डिस्प्ले बोर्ड नहीं लगा था और स्टॉक रजिस्टर अधूरा मिला।
कृषि विभाग ने जारी किया कारण बताओ नोटिस
इन गड़बड़ियों को गंभीरता से लेते हुए कृषि विभाग ने संबंधित विक्रेता को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और जवाब तलब किया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं मिला, तो दुकान का लाइसेंस रद्द किया जा सकता है।
सीएम फ्लाइंग इंचार्ज सुनैना ने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसानों को पारदर्शी और सही दर पर खाद उपलब्ध कराना है। उन्होंने सभी विक्रेताओं को चेतावनी दी कि वे स्टॉक डिस्प्ले बोर्ड सार्वजनिक रूप से लगाएं और लाइसेंस में दर्ज गोदाम में ही खाद का भंडारण करें।
उपमंडल कृषि अधिकारी डॉ. प्रीति वर्मा ने भी कहा कि यदि किसी विक्रेता द्वारा दूसरे जिलों के किसानों को खाद बेचने की शिकायत मिली, तो तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
हांसी में हुई यह कार्रवाई साफ संदेश देती है कि सरकार और प्रशासन खाद माफिया पर सख्त रुख अपनाए हुए हैं, और किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
