नारनौल में लेडी IAS अनीता यादव के भाई का मॉल सील — बिना CLU की अनुमति पर नगर परिषद की बड़ी कार्रवाई, मालिक बोले “राजनीतिक दबाव में हुआ फैसला”
बिना CLU की अनुमति पर नगर परिषद की बड़ी कार्रवाई
हरियाणा के नारनौल में एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए नगर परिषद ने
लेडी IAS अधिकारी अनीता यादव के भाई और रोडवेज डिपो के पूर्व जीएम लाजपत यादव के मॉल को सील कर दिया।
यह मॉल महेंद्रगढ़ रोड पर करीब 2 हजार गज क्षेत्र में बना हुआ है।
नगर परिषद की कार्रवाई का कारण बिना चेंज ऑफ लैंड यूज (CLU) की अनुमति के निर्माण बताया जा रहा है।
सीलिंग के समय मॉल में करीब 200 कर्मचारी काम कर रहे थे, जिन्हें कार्रवाई के बाद बाहर निकाल दिया गया।
मालिक बोले — “यह कार्रवाई राजनीति से प्रेरित”
मॉल के मालिक लाजपत यादव ने नगर परिषद की कार्रवाई को राजनीतिक दबाव में लिया गया फैसला बताया।
उन्होंने कहा कि उनके पास कोर्ट से स्टे ऑर्डर है, इसके बावजूद अधिकारियों ने मॉल को सील कर दिया,
जो कि कोर्ट के आदेशों की अवहेलना है।
“यह पूरा मामला राजनीति से प्रेरित है। मेरे मॉल के पीछे भाजपा का कार्यालय बन रहा है,
वहां भी CLU नहीं ली गई। न तो कोई मास्टर प्लान है, न ही DTP ने CLU देने की प्रक्रिया पूरी की है।
इसके बावजूद कार्रवाई केवल मेरे खिलाफ की गई,” — लाजपत यादव
सीलिंग के दौरान मॉल में मौजूद थे 200 वर्कर
सीलिंग के समय करीब 200 वर्कर मॉल के अंदर मौजूद थे, जिनमें महिला कर्मचारी भी शामिल थीं।
जैसे ही नगर परिषद की टीम पहुंची, सभी कर्मचारियों को तुरंत बाहर निकाल दिया गया।
कई कर्मचारियों ने कहा कि यह कार्रवाई बिना पूर्व सूचना के की गई है।
वर्कर राजेंद्र, सूरज, अनिता और दिनेश ने कहा कि मॉल बंद होने से उनकी नौकरी पर संकट मंडरा रहा है।
नगर परिषद की ओर से कार्रवाई का आधार — CLU का अभाव
नगर परिषद अधिकारियों के अनुसार, मॉल निर्माण के लिए CLU (Change of Land Use) की मंजूरी नहीं ली गई थी।
यह भूमि व्यावसायिक उपयोग के लिए स्वीकृत नहीं थी।
अधिकारियों ने बताया कि बिना CLU की अनुमति के किसी भी वाणिज्यिक निर्माण पर
हरियाणा नगर एवं ग्राम योजना अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
मामला कोर्ट में — स्टे ऑर्डर का हवाला
लाजपत यादव का कहना है कि इस मामले में कोर्ट से स्टे लिया गया है,
और शुक्रवार को इसी मामले में कोर्ट की सुनवाई भी निर्धारित थी।
इसके बावजूद कार्रवाई करना न्यायालय की अवमानना है।
उन्होंने पूरी सीलिंग प्रक्रिया को “राजनीतिक प्रतिशोध” करार दिया है।
जांच और विवाद जारी
मामले को लेकर नगर परिषद और शहरी नियोजन विभाग दोनों ने अपने-अपने पक्ष तैयार किए हैं।
वहीं, प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, BJP कार्यालय के निर्माण को लेकर भी अब सवाल उठ रहे हैं,
क्योंकि वहां भी CLU अनुमति नहीं ली गई बताई जा रही है।
फिलहाल पुलिस और प्रशासन दोनों ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
मॉल को सील किए जाने के बाद स्थानीय व्यापारिक संगठनों में भी रोष है।
