बरवाला में अधीनस्थ न्यायालय की मांग तेज़: विधायक नरेश सेलवाल बोले — जनता को न्याय के लिए अब भी हिसार के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं

बरवाला में अधीनस्थ न्यायालय की मांग तेज़: विधायक नरेश सेलवाल बोले — जनता को न्याय के लिए अब भी हिसार के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं

उकलाना हलका से कांग्रेस विधायक नरेश सेलवाल ने बरवाला उपमंडल में अधीनस्थ न्यायालय (निचली अदालत) स्थापित करने की पुरजोर मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि बरवाला क्षेत्र की जनता को आज भी न्यायिक कार्यों के लिए हिसार जाना पड़ता है, जिससे लोगों का समय, धन और श्रम तीनों की बर्बादी होती है।


 न्याय के लिए लंबा सफर

विधायक नरेश सेलवाल ने बताया कि एयरपोर्ट निर्माण के बाद बरवाला से हिसार की दूरी लगभग 50-55 किलोमीटर और उकलाना से हिसार की दूरी 70-75 किलोमीटर हो गई है।
उन्होंने कहा कि “छोटे-छोटे न्यायिक कार्यों, दस्तावेजों के सत्यापन और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं के लिए भी लोगों को लंबा सफर तय करना पड़ता है। यह स्थिति आम जनता के लिए अत्यंत असुविधाजनक है।”


 12 साल से अधूरी मांग

विधायक ने याद दिलाया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में तत्कालीन मुख्यमंत्री चौ. भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने बरवाला को सब-डिवीजन (उपमंडल) का दर्जा दिया था ताकि यहां के लोगों को प्रशासनिक और न्यायिक सुविधाएं नजदीक उपलब्ध हो सकें।
लेकिन पिछले 12-13 वर्षों में भी अदालत की स्थापना नहीं हुई, जिसे उन्होंने जनता के साथ अन्याय बताया।


 सरकार से की अपील

सेलवाल ने हरियाणा सरकार से आग्रह किया कि बरवाला सब-डिवीजन में जल्द से जल्द अधीनस्थ न्यायालय की स्थापना की जाए और जिला न्यायाधीश या अतिरिक्त जिला न्यायाधीश की नियुक्ति की जाए।
उन्होंने कहा कि “यह कदम जनता को न केवल न्याय के लिए सुविधा देगा बल्कि प्रशासनिक पारदर्शिता और न्यायिक प्रक्रिया की गति को भी बढ़ाएगा।”


 जनता को राहत, प्रशासन को सहयोग

विधायक ने कहा कि बरवाला क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है और यहां की जनसंख्या भी लगातार बढ़ रही है। ऐसे में एक स्थानीय अदालत की स्थापना से

  • लोगों को न्यायिक कार्यों के लिए शहरों में भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी,

  • समय और धन की बचत होगी,

  • और प्रशासनिक दक्षता में भी सुधार आएगा

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