हरियाणा सरकार के एक साल का रिपोर्ट कार्ड: सैनी सरकार को प्रशासनिक पकड़ में 47 नंबर, पब्लिक इमेज में शानदार प्रदर्शन
हरियाणा की नायब सैनी सरकार ने 17 अक्टूबर को अपना पहला साल पूरा कर लिया है। इस मौके पर बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व ने प्रदेश सरकार के कामकाज की समीक्षा रिपोर्ट तैयार कराई है। यह रिपोर्ट पांच मुख्य बिंदुओं पर आधारित है — प्रशासनिक पकड़, पब्लिक इमेज, केंद्रीय योजनाओं का क्रियान्वयन, चुनावी वादे और सरकार-संगठन की ट्यूनिंग।
रिपोर्ट के अनुसार, नायब सैनी सरकार ने कई क्षेत्रों में बेहतरीन प्रदर्शन किया है, जबकि कुछ मामलों में सुधार की गुंजाइश बनी हुई है।
प्रशासनिक पकड़: 47 में से 100 अंक
रिपोर्ट के मुताबिक, सैनी सरकार को प्रशासनिक कार्यप्रणाली में केवल 47 अंक मिले हैं। अधिकारियों के स्तर पर सुस्ती और बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल न होने के कारण कई विकास कार्यों में देरी हुई है।
केंद्रीय नेतृत्व का मानना है कि सरकार को ब्यूरोक्रेसी पर नियंत्रण और जिलों में प्रशासनिक सक्रियता बढ़ाने की जरूरत है।
पब्लिक फिगर इमेज: 86 अंक
सैनी सरकार को जनता से जुड़ाव के मामले में 86 अंक मिले हैं। मुख्यमंत्री नायब सैनी लगातार जनता के बीच सक्रिय रहते हैं और अपने मंत्रियों को भी जनता से सीधे संवाद करने के लिए प्रेरित करते हैं।
राज्य और जिला स्तर पर कार्यक्रमों में उनकी भागीदारी ने उन्हें “पब्लिक मैन” की छवि दी है।
केंद्रीय योजनाओं का क्रियान्वयन: 73 अंक
केंद्र की योजनाओं — जैसे स्वच्छ भारत मिशन, पीएम जन विकास कार्यक्रम, आयुष्मान भारत, राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना, और फसल अवशेष प्रबंधन — के क्रियान्वयन में सैनी सरकार को 73 अंक मिले हैं।
सीएम खुद इन योजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा करते हैं और अधिकारियों को तय समयसीमा में काम पूरा करने के निर्देश देते हैं।
चुनावी वादों की पूर्ति
बीजेपी ने 2024 विधानसभा चुनाव के दौरान 217 वादे किए थे, जिनमें से 40 वादे सैनी सरकार पहले साल में ही पूरे कर चुकी है।
मुख्य वादों में दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना और बेरोजगार युवाओं को नियुक्ति पत्र शामिल हैं।
केंद्रीय नेतृत्व के अनुसार, सरकार अपने 5 साल के कार्यकाल में 92% वादों की पूर्ति के लक्ष्य पर है।
सरकार और संगठन की ट्यूनिंग
प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली और मुख्यमंत्री नायब सैनी के बीच तालमेल को केंद्रीय नेतृत्व ने “उत्कृष्ट” बताया है।
दोनों नेता संगठन और सरकार के बीच बेहतर संवाद बनाए हुए हैं। इससे पहले की सरकारों में यह तालमेल कमजोर माना जाता था।
हरियाणा में तीसरी बार बीजेपी सरकार का इतिहास
हरियाणा के इतिहास में यह पहली बार है जब किसी पार्टी ने लगातार तीसरी बार सत्ता हासिल की है।
बीजेपी के इस रिकॉर्ड को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने “राजनीतिक स्थिरता और जनविश्वास” का प्रतीक बताया है।
“सुपर सीएम” विवाद और विपक्षी हमले
विपक्ष लगातार “सुपर सीएम” विवाद को लेकर सरकार पर हमले कर रहा है। कांग्रेस और इनेलो के नेताओं ने दावा किया है कि केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर हरियाणा की राजनीति में सक्रिय हैं।
केंद्रीय नेतृत्व ने इस विवाद को गंभीरता से लिया है और इस पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
ब्यूरोक्रेसी पर सख्ती की तैयारी
2024 विधानसभा चुनाव के बाद कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के सरकार विरोधी रुख पर भी नेतृत्व ने रिपोर्ट मांगी है।
केंद्रीय नेतृत्व इस पर कार्रवाई की समीक्षा कर रहा है ताकि भविष्य में प्रशासनिक अनुशासन सुनिश्चित किया जा सके।
