हाईकोर्ट में IPS पूरन कुमार सुसाइड केस की सुनवाई — CBI जांच की मांग पर अगली तारीख 12 नवंबर तय
हरियाणा के वरिष्ठ IPS अधिकारी वाई. पूरन कुमार सुसाइड केस में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने सोमवार को सुनवाई की। इस दौरान कोर्ट ने चंडीगढ़ प्रशासन से विस्तृत जांच रिपोर्ट तलब की है। वहीं, CBI जांच की मांग करने वाली याचिका पर अदालत ने कई महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं।
हाईकोर्ट ने पूछा – क्या CBI जांच की शर्तें पूरी होती हैं?
चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस संजीव बेरी की बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा कि याचिका में उठाए गए मुद्दे “बहुत सामान्य और अस्पष्ट” हैं। अदालत ने याचिकाकर्ता के वकील से स्पष्ट रूप से यह बताने को कहा कि —
“क्या यह मामला सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय की गई उन परिस्थितियों में आता है, जिनमें हाईकोर्ट किसी केस की जांच CBI को सौंप सकता है?”
कोर्ट ने यह भी कहा कि सिर्फ संदेह या भावनात्मक आधार पर नहीं, बल्कि कानूनी प्रावधानों और ठोस परिस्थितियों के आधार पर CBI जांच सौंपी जा सकती है।
अब 12 नवंबर को होगी अगली सुनवाई
याचिकाकर्ता नवनीत कुमार (लुधियाना निवासी) ने पिछले हफ्ते मामले में बहस के लिए अतिरिक्त समय मांगा था। कोर्ट ने यह अनुरोध स्वीकार करते हुए सुनवाई को 12 नवंबर तक स्थगित कर दिया।
“अगर सीनियर पुलिस अधिकारी सुरक्षित नहीं, तो आम आदमी का क्या?”
याचिकाकर्ता के वकील वी.के. शर्मा ने दलील दी —
“एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की आत्महत्या ने समाज की अंतरात्मा को झकझोर दिया है। अगर एक IPS अधिकारी खुद को सुरक्षित नहीं महसूस करता, तो आम नागरिकों की सुरक्षा पर बड़ा प्रश्नचिह्न है।”
वकील ने यह भी बताया कि जांच कर रहे एक अन्य अधिकारी ASI संदीप लाठर ने भी आत्महत्या कर ली थी, जिससे मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है।
7 अक्टूबर को की थी खुदकुशी, छोड़ा 8 पेज का सुसाइड नोट
आईजी वाई. पूरन कुमार, जो रोहतक स्थित पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज (PTC) सुनारिया में पोस्टेड थे, ने 7 अक्टूबर को चंडीगढ़ सेक्टर-11 स्थित अपने आवास पर खुद को गोली मार ली थी।
उन्होंने 8 पेज का सुसाइड नोट और 1 पेज की वसीयत छोड़ी थी, जिसमें हरियाणा के DGP शत्रुजीत कपूर और रोहतक SP नरेंद्र बिजारणिया सहित 15 मौजूदा और पूर्व अधिकारियों पर प्रताड़ना के आरोप लगाए थे।
PSO की रिश्वत केस में फंसे थे अधिकारी के करीबी
पूरन कुमार की आत्महत्या के अगले दिन पुलिस ने खुलासा किया कि उनके PSO (Personal Security Officer) सुशील कुमार को एक दिन पहले शराब कारोबारी से रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
रोहतक SP नरेंद्र बिजारणिया ने बताया था कि पूछताछ में सुशील कुमार ने स्वीकार किया कि उसने पूरन कुमार के कहने पर ही रिश्वत मांगी थी। हालांकि, 7 अक्टूबर तक पूरन कुमार को किसी भी तरह का नोटिस जारी नहीं किया गया था।
संवेदनशील और गंभीर मामला
पूरन कुमार सुसाइड केस न सिर्फ एक वरिष्ठ अधिकारी की आत्महत्या का मामला है, बल्कि यह पुलिस सिस्टम, प्रशासनिक दबाव और पारदर्शिता पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
CBI जांच की मांग इसी संवेदनशीलता के आधार पर की गई है, ताकि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच हो सके।
