दिल्ली कार ब्लास्ट में पांच यूपी के लोगों की मौत: दोस्तों संग आख़िरी मुलाकात बनी जानलेवा, घरों में मातम का माहौल
दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए कार ब्लास्ट में मरने वालों की संख्या अब 12 पहुंच गई है, जिनमें से 5 उत्तर प्रदेश (UP) के रहने वाले हैं। इसके अलावा 3 लोग गंभीर रूप से घायल हैं, जिनका इलाज दिल्ली के LNJP अस्पताल में चल रहा है।
मृतकों में अमरोहा, श्रावस्ती, मेरठ और शामली के लोग शामिल हैं।
अमरोहा के अशोक सिंह (45) और लोकेश अग्रवाल (52) — दोनों 15 साल पुराने दोस्त थे। किसे पता था कि यह मुलाकात उनकी आख़िरी होगी।
1. लोकेश अग्रवाल — दोस्त से मिलने पहुंचे, मौत ने घेर लिया
अमरोहा के लोकेश अग्रवाल दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती अपनी समधन को देखने गए थे।
शाम को उन्होंने अपने दोस्त अशोक सिंह को मिलने बुलाया।
जब दोनों लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास कार में बैठे, तभी धमाका हो गया।
लोकेश के मोबाइल से पुलिस ने उनके रिश्तेदार संदीप अग्रवाल को कॉल की और उनकी पहचान पक्की हुई।
लोकेश की पत्नी का निधन 5 साल पहले हो गया था।
परिवार में दो बेटे — गौरव (साइंटिस्ट, देहरादून) और सौरभ (इलेक्ट्रिकल इंजीनियर) — तथा एक बेटी दिव्या हैं।
2. अशोक सिंह — DTC कर्मचारी, पत्नी और तीन छोटे बच्चों का सहारा छिना
अशोक सिंह दिल्ली परिवहन निगम (DTC) में संविदा कर्मचारी थे।
पिछले 9 साल से सेवा में थे और 3 साल से जगतपुर, दिल्ली में किराए के घर में रहते थे।
दिवाली पर वे अमरोहा के हसनपुर के मंगरोला गांव में परिवार से मिलने आए थे।
परिवार में पत्नी सोनम, बेटा आरंभ (3) और बेटियां आरोही (8), काव्या (5) हैं।
मां सोमवती (65) हार्ट पेशेंट हैं।
परिवार ने अशोक का शव रखकर सरकार से मुआवजे और नौकरी की मांग की है।
3. दिनेश कुमार — श्रावस्ती के मजदूर, बच्चों का सहारा चला गया
श्रावस्ती जिले के गणेशपुर गांव के रहने वाले दिनेश कुमार दिल्ली में एक प्रिंटिंग प्रेस में काम करते थे।
10 साल पहले रीना देवी से उनकी शादी हुई थी। तीन बच्चे — हिमांशु (8), बिट्टा (7), सृष्टि (4) हैं।
रीना देवी ने कहा,
“वह 10-12 साल से दिल्ली में रह रहे थे। 10 दिन पहले ही घर से गए थे। अब बच्चों को कैसे पालूं?”
टीवी पर खबर देखने के बाद पिता भूरे को बेटे की मौत की जानकारी मिली।
4. नौमान — शामली से सामान खरीदने आया, धमाके में मारा गया
शामली जिले के झिंझाना कस्बे का रहने वाला नौमान दिल्ली में दुकान का सामान खरीदने भाई अमन के साथ आया था।
जब दोनों कार पार्किंग के पास सड़क पार कर रहे थे, तभी धमाका हुआ।
नौमान की मौके पर मौत हो गई, जबकि अमन गंभीर रूप से घायल है और LNJP अस्पताल में भर्ती है।
5. मोहसिन — मेरठ का रिक्शा चालक, दो बच्चों का पिता
मेरठ के लोहियानगर थाना क्षेत्र के रहने वाले मोहसिन दो साल से दिल्ली में रहकर ई-रिक्शा चलाता था।
वह जामा मस्जिद के पास पत्ता मोहल्ले में किराए के मकान में रहता था।
परिवार में पत्नी सुल्ताना, बेटी हिफजा (10) और बेटा आहद (8) हैं।
मां संजीदा ने बताया —
“मैंने बेटे को दिल्ली जाने से मना किया था, पर वह बच्चों की पढ़ाई और उनके अच्छे भविष्य के लिए गया था।”
मोहसिन का शव मेरठ पहुंचने के बाद अंतिम संस्कार को लेकर मां और पत्नी के बीच विवाद हुआ। बाद में उसकी पत्नी शव को दिल्ली ले गई।
तीन घायल अब भी खतरे में
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शिवा जायसवाल (देवरिया)
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पप्पू (आगरा)
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मोहम्मद दाऊद (गाजियाबाद)
इन तीनों का इलाज LNJP अस्पताल में चल रहा है।
परिवारों में गुस्सा और दुख
अमरोहा में अशोक सिंह के परिजनों ने शव रखकर सरकारी मुआवजा और नौकरी की मांग की।
श्रावस्ती और मेरठ में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
लोगों का कहना है कि निर्दोष लोगों की बलि अब बंद होनी चाहिए, और आतंकवादियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए।
