मनीषा को न्याय की पुकार — भिवानी के ढाणी लक्ष्मण गांव में पंचायत, 30 नवंबर को धरना और भूख हड़ताल का ऐलान

मनीषा को न्याय की पुकार — भिवानी के ढाणी लक्ष्मण गांव में पंचायत, 30 नवंबर को धरना और भूख हड़ताल का ऐलान

हरियाणा के भिवानी जिले में लेडी टीचर मनीषा की मौत के मामले ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है।
मनीषा के गांव ढाणी लक्ष्मण में गुरुवार को एक पंचायत बुलाई गई, जिसमें परिजनों और ग्रामीणों ने CBI जांच की धीमी रफ्तार पर नाराज़गी जताई।
मनीषा के पिता संजय यादव ने हाथ जोड़कर पंचायत में कहा कि “बेटी को न्याय दिलाया जाए, नहीं तो भूख हड़ताल पर बैठेंगे”।


 पंचायत में लिया गया बड़ा फैसला — 30 नवंबर को धरना

गुरुवार को हुई पंचायत में गांव और आसपास के ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि
30 नवंबर को ढाणी लक्ष्मण में धरना दिया जाएगा।
धरने में मनीषा का परिवार और ग्रामीण भूख हड़ताल पर भी बैठेंगे।
पंचायत ने यह भी मांग रखी कि CBI अब तक की जांच की स्थिति सार्वजनिक करे, ताकि परिवार को न्याय की दिशा में भरोसा मिल सके।


 पिता बोले — “CBI की जांच बहुत धीमी चल रही है”

मनीषा के पिता संजय ने पंचायत में कहा कि

“मेरी बेटी को न्याय मिले, यही मेरी आखिरी इच्छा है।
जांच इतनी धीमी चल रही है कि अब भरोसा उठता जा रहा है।
महीनों बीत गए, लेकिन CBI की तरफ से कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया।”

उन्होंने कहा कि अगर जांच में तेजी नहीं आई, तो वे अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करेंगे।


 किसान नेताओं और ग्रामीणों का समर्थन

पंचायत में पहुंचे किसान नेता सुरेश कौथ ने भी परिवार का समर्थन किया।
उन्होंने कहा कि

“CBI जांच तभी प्रभावी होगी जब सरकार उस पर दबाव बनाए।
हरियाणा सरकार को खुद हस्तक्षेप कर जांच में तेजी लानी चाहिए।”

उन्होंने यह भी कहा कि “सच्चाई तभी सामने आएगी जब जांच तेज़ी से आगे बढ़े।”


 11 अगस्त को लापता, 13 को खेतों में मिला शव

मनीषा 11 अगस्त को अपने स्कूल और फिर नर्सिंग कॉलेज के लिए घर से निकली थीं,
लेकिन वह वापस नहीं लौटीं।
13 अगस्त को उसका शव गांव सिंघानी के खेतों में मिला।
परिवार ने इसे हत्या बताया, जबकि पुलिस ने पहले आत्महत्या का केस दर्ज किया था।
जनता के विरोध के बाद मनीषा का तीसरी बार दिल्ली एम्स में पोस्टमॉर्टम कराया गया और मामला CBI को सौंपा गया।


 CBI की जांच अब तक

CBI की टीम तीन बार भिवानी पहुंच चुकी है और जांच कर चुकी है।
टीम अब दिल्ली में बैठकर केस पर काम कर रही है, लेकिन
91 दिन बीतने के बावजूद कोई आधिकारिक रिपोर्ट सामने नहीं आई है।
परिवार और ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज़ किया जाएगा।


 पंचायत की प्रमुख मांगें

  1. CBI जांच में तेजी लाई जाए।

  2. परिवार को जांच की प्रगति की जानकारी दी जाए।

  3. दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए।

  4. हरियाणा सरकार मनीषा के परिवार को न्याय दिलाने में सक्रिय भूमिका निभाए।

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