हिसार में डॉक्टरों की हड़ताल से ठप पड़ी स्वास्थ्य सेवाएं: मरीजों की बढ़ी परेशानी, प्रशासन अलर्ट पर

हिसार में डॉक्टरों की हड़ताल से ठप पड़ी स्वास्थ्य सेवाएं: मरीजों की बढ़ी परेशानी, प्रशासन अलर्ट पर

हिसार जिले में डॉक्टरों की हड़ताल तीसरे दिन भी जारी रही, जिससे आम मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। ओपीडी से लेकर एक्सरे और ऑपरेशन तक अधिकतर सेवाएं बाधित रहीं। अस्पतालों में इलाज के इंतजार में आए मरीज इधर-उधर भटकते दिखाई दिए। अग्रोहा मेडिकल कॉलेज से 20 डॉक्टर बुलाए गए हैं, लेकिन यह संख्या भी जरूरत के मुकाबले बेहद कम साबित हो रही है।


अस्पताल में सुरक्षा कड़ी, धारा 163 लागू

हड़ताल को देखते हुए प्रशासन ने जिला अस्पताल में सुरक्षा बढ़ा दी है। डीसी द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू की गई है, ताकि अस्पतालों में व्यवस्था बनी रहे और किसी तरह की अशांति न हो।

इसके बावजूद, अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों की लंबी कतारें बनी हुई हैं। कई मरीजों को इलाज के बिना ही वापस लौटना पड़ा।


मरीजों की आवाज: दर्द और मजबूरी की कहानी

1. दादी को पैरालाइसिस, इलाज मिला नहीं

नरवाना के हिमांशु अपनी दादी को लेकर सुबह पहुंचे। पैरालाइसिस की गंभीर स्थिति में दादी को रिक्शे पर बैठाकर सिविल अस्पताल लाए थे। यहां आने पर पता चला कि डॉक्टर मौजूद नहीं हैं। उन्हें अगले दिन आने की सलाह देकर वापस भेज दिया गया।

2. 70 किमी दूर से आई महिला को लौटना पड़ा

नरवाना की किताबों अपनी बुजुर्ग मां का एक्सरे कराने आई थीं, क्योंकि उनकी रीढ़ में गंभीर दर्द था। पर अस्पताल में एक्सरे बंद होने की जानकारी मिली, जिसके बाद उन्हें बिना इलाज वापस लौटना पड़ा।

3. दवा लेने आया युवक वापस भेजा गया

गांव बास से आए राजेश ने बताया कि वह नशामुक्ति की दवा लेने आए थे। एक पैर कटे होने के कारण चलने-फिरने में दिक्कत होती है, लेकिन डॉक्टर न होने की वजह से उन्हें भी “कल आना” कहकर भेज दिया गया।

4. बुजुर्ग महिला को विभागों में भटकाया गया

सेक्टर 14 की छन्नों देवी कमर दर्द और सिर पर फोड़ा होने के चलते इलाज करवाने आई थीं। डॉक्टर न मिलने से उन्हें कई जगह घूमाया गया लेकिन उपचार नहीं मिला।

5. टांके खुलवाने आई महिला को अग्रोहा रेफर किया गया

डिलीवरी के बाद टांके खुलवाने आई एक महिला को सिविल अस्पताल में सेवाएं न मिलने पर अग्रोहा मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया।


डॉक्टर कम, जरूरत ज्यादा: सिर्फ 22 ड्यूटी पर

हिसार जिले में कुल 157 डॉक्टर हैं, लेकिन हड़ताल के कारण केवल 22 ही ड्यूटी पर हैं। गंभीर मरीजों के इलाज में देरी हो रही है और कई ऑपरेशन टालने पड़े।
सीएमओ ने बताया कि हड़ताली डॉक्टरों को मनाने की कोशिशें जारी हैं ताकि सेवाओं को सामान्य किया जा सके।


डीसी का निरीक्षण: तैयारियों की समीक्षा

डीसी ने अस्पताल का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि आपात सेवाएं किसी भी हाल में बाधित न हों।


क्यों कर रहे हैं डॉक्टर हड़ताल?

हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन (HCMSA) लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहा है। सरकार से कई दौर की वार्ता के बाद भी सहमति नहीं बन पाई।

डॉक्टरों की 3 मुख्य मांगें:

1. SMO की सीधी भर्ती पर रोक

डॉक्टर चाहते हैं कि उन्हें प्रमोशन के माध्यम से SMO बनाया जाए, न कि सीधे भर्ती की प्रक्रिया से। SMO के 644 पदों में 200 खाली हैं, जिनमें 160 पद डायरेक्ट भर्ती कोटे से जुड़े हैं।

2. केंद्र सरकार जैसी ACP स्कीम

डॉक्टर चाहते हैं कि उन्हें 4, 9, 13 और 20 साल की सेवा पर चार ACP मिले। वर्तमान में उन्हें केवल तीन ACP उपलब्ध होती हैं।

3. ग्रेड पे बढ़ाया जाए

डॉक्टरों की मांग है कि तीसरे ग्रेड पे को बढ़ाकर 9500 किया जाए, जबकि फिलहाल यह 8700 है।

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