देशभर में वोटर लिस्ट की सबसे बड़ी सफाई अभियान: 12 राज्यों में आज से शुरू होगा SIR, जानें पूरी प्रक्रिया
भारत में लोकतंत्र की सबसे अहम नींव है – मतदाता सूची (Voter List)। इसी सूची के आधार पर तय होता है कि कौन वोट देगा और कौन नहीं। लेकिन अब 21 साल बाद देश में एक बार फिर से इस सूची की “स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR)” शुरू की जा रही है। चुनाव आयोग ने इसे एक “राष्ट्रीय मतदाता शुद्धिकरण अभियान” कहा है।
कब और कहां से शुरू होगा SIR?
28 अक्टूबर से SIR की प्रक्रिया शुरू होगी, जो 7 फरवरी 2026 तक चलेगी। इससे पहले आज रात से वोटर लिस्ट फ्रीज हो जाएगी। इस दौरान किसी भी प्रकार का बदलाव या अपडेट नहीं होगा।
SIR इस बार 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एक साथ शुरू किया जा रहा है —
- अंडमान निकोबार
- छत्तीसगढ़
- गोवा
- गुजरात
- केरल
- लक्षद्वीप
- मध्य प्रदेश
- पुडुचेरी
- राजस्थान
- तमिलनाडु
- उत्तर प्रदेश
- पश्चिम बंगाल
इन राज्यों में कब होंगे विधानसभा चुनाव?
- 2026 – पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी
- 2027 – गोवा, गुजरात, उत्तर प्रदेश
- 2028 – छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान
अंडमान निकोबार और लक्षद्वीप में विधानसभा नहीं है।
क्या होगा SIR के तहत?
SIR के दौरान चुनाव आयोग करेगा:
- नए योग्य मतदाताओं को जोड़ा जाएगा।
- डुप्लिकेट या गलत एंट्री को हटाया जाएगा।
- मतदाताओं की नागरिकता की जांच की जाएगी।
- अवैध विदेशी नागरिकों के नाम हटाए जाएंगे।
- हर मतदाता के घर BLO (Booth Level Officer) जाकर प्री-फिल्ड फॉर्म पहुंचाएंगे।
इस प्रक्रिया में 31 दिसंबर 2025 तक 18 वर्ष के होने वाले सभी युवाओं को शामिल किया जाएगा।
देश में कितने मतदाता?
- देश में कुल 10 करोड़ पंजीकृत मतदाता हैं।
- इनमें से बिहार के 8 करोड़ मतदाताओं का SIR पहले ही पूरा हो चुका है।
- 2002–2004 के SIR में 70 करोड़ मतदाता दर्ज हुए थे, अब करीब 21 करोड़ मतदाताओं को दस्तावेज़ अपडेट करने होंगे।
चुनाव आयोग ने क्या कहा?
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा —
“देश में 21 साल बाद यह विशेष गहन पुनरीक्षण किया जा रहा है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर योग्य नागरिक का नाम सूची में हो और कोई भी अयोग्य नाम उसमें न रहे।”
उन्होंने बिहार का उदाहरण देते हुए बताया कि —
“बिहार में SIR बेहद सफल रहा। अब दूसरे चरण में 12 राज्यों और UTs की वोटर लिस्ट को अपडेट किया जा रहा है।”
विवाद और राजनीति
बिहार में SIR के दौरान विपक्षी दलों ने सरकार पर “वोट चोरी” का आरोप लगाया था।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ECI प्रमुख ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा था कि “लोकतंत्र को कमजोर किया जा रहा है।”
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग की प्रक्रिया को सही बताया और बिहार की फाइनल लिस्ट को मंजूरी दी।
क्यों जरूरी है यह प्रक्रिया?
- शहरीकरण और लोगों के तेजी से पलायन (Migration) के कारण पुराने रिकॉर्ड गलत हो गए हैं।
- दोहरी वोटिंग और फर्जी पते जैसी समस्याओं को खत्म करना जरूरी है।
- कई राज्यों में अवैध विदेशी मतदाता पाए गए हैं, खासकर बंगाल, असम और तमिलनाडु जैसे सीमावर्ती इलाकों में।
आगे क्या होगा?
- नवंबर से SIR देशभर में लागू होगा।
- मई 2026 तक जिन राज्यों में विधानसभा चुनाव हैं, वहां यह प्रक्रिया पहले पूरी की जाएगी।
- सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए आयोग यह सुनिश्चित करेगा कि हर वोट “वैध और भारतीय” हो।
