मुंबई में महिला से छेड़छाड़ पर मुंबई कोर्ट सख्त, आरोपी को छह महीने की सजा

 मुंबई में महिला से छेड़छाड़ पर मुंबई कोर्ट सख्त, आरोपी को छह महीने की सजा

मुंबई | 1 नवंबर 2025
महिलाओं के साथ अभद्रता करने वालों के लिए मुंबई की एक अदालत ने सख्त संदेश दिया है। बोरीवली स्थित अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने एक मामले में फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया कि किसी महिला की स्कर्ट खींचना या उस पर सीटी बजाना महिला की गरिमा का अपमान और आपराधिक कृत्य है। अदालत ने आरोपी को छह महीने की सजा और ₹1,000 का जुर्माना लगाया है।

 मामला क्या था?

यह घटना साल 2013 की है। कांदिवली (पश्चिम) के चारकोप इलाके में एक महिला भगवती अस्पताल के पास पानीपुरी का ठेला लगाती थीं। बताया गया कि स्थानीय राजनीतिक कार्यकर्ता की मदद से उन्होंने यह व्यवसाय शुरू किया था।
22 अप्रैल 2013 को जब वह पास की दुकान पर कुछ लेने गईं, उसी दौरान आरोपी प्रशांत अरविंद गायकवाड़ अपनी बहन के साथ वहां पहुंचा और महिला के ठेले को नुकसान पहुँचाया।

जब महिला मौके पर लौटीं, तो दोनों के बीच बहस हो गई। इसी दौरान आरोपी ने न केवल झगड़ा किया बल्कि महिला की स्कर्ट खींची और उनके साथ मारपीट की। इसके बाद पीड़िता ने चारकोप पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।

 कोर्ट का निर्णय

अदालत में अभियोजन पक्ष ने सबूतों और गवाहों के माध्यम से यह साबित किया कि आरोपी ने महिला से छेड़छाड़ की थी। कोर्ट ने माना कि यह हरकत न केवल अनुचित व्यवहार है बल्कि महिला की मर्यादा का सीधा अपमान है।

बोरीवली की अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए छह महीने की जेल और ₹1,000 का जुर्माना लगाया। न्यायाधीश ने कहा कि महिलाओं के प्रति ऐसी हरकतें किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं की जा सकतीं।

 संदेश समाज के नाम

यह फैसला महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को लेकर एक अहम नज़ीर बन गया है। अदालत ने अपने निर्णय से स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी प्रकार की अभद्रता या छेड़खानी को “मजाक” के नाम पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।

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