उकलाना माइनर टूटी — किसान की दो एकड़ धान की फसल जलमग्न, मेहनत पर फिरा पानी
घटना का सारांश
हरियाणा के हिसार जिले के उकलाना क्षेत्र के गांव बिठमड़ा में रविवार को उकलाना माइनर में आई दरार ने एक किसान की मेहनत पर पानी फेर दिया।
नहर के टूटने से खेतों में तेजी से नहरी पानी भर गया, जिससे किसान जयबीर की दो एकड़ में खड़ी धान की फसल पूरी तरह डूब गई।
किसान के अनुसार, यदि समय रहते विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंच जाते, तो नुकसान को टाला जा सकता था।
घटना का विवरण
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| घटना का दिन | रविवार |
| स्थान | गांव बिठमड़ा, उकलाना क्षेत्र, जिला हिसार |
| प्रभावित किसान | जयबीर |
| फसल | धान (2 एकड़ में) |
| कारण | उकलाना माइनर में दरार से पानी का रिसाव |
| विभाग | सिंचाई विभाग, हरियाणा |
| नुकसान | पूरी फसल जलमग्न, कटाई का कार्य बाधित |
कैसे हुआ हादसा?
किसान जयबीर ने बताया कि उनके खेत के पास से उकलाना माइनर गुजरती है।
रविवार को अचानक माइनर में दरार आने से पानी खेतों में घुस गया।
सूचना मिलते ही जयबीर मौके पर पहुंचे और अपने स्तर पर जेसीबी मशीन मंगवाकर नहर को पाटने का प्रयास किया, ताकि पानी के बहाव को रोका जा सके।
लेकिन तब तक उनकी पूरी फसल पानी में डूब चुकी थी।
किसान की व्यथा
जयबीर ने बताया —
“मैंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को कई बार फोन किया,
लेकिन कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।
अगर समय पर मदद मिल जाती, तो मेरी फसल बच सकती थी।”
उन्होंने कहा कि फसल की कटाई चल रही थी,
लेकिन अचानक आई इस आपदा ने पूरे सीजन की मेहनत और निवेश पर पानी फेर दिया।
ग्रामीणों की नाराजगी और मांगें
ग्रामीणों ने बताया कि उकलाना माइनर की मरम्मत लंबे समय से नहीं की गई थी,
जिससे उसकी दीवारें कमजोर हो गई थीं और दरार आना तय था।
गांव के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि —
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पूरी माइनर की तकनीकी जांच की जाए।
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मरम्मत कार्य जल्द से जल्द शुरू किया जाए।
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पीड़ित किसान को मुआवजा दिया जाए।
सिंचाई विभाग पर सवाल
यह घटना सिंचाई विभाग की लापरवाही को उजागर करती है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि विभाग समय-समय पर निरीक्षण और मरम्मत करता,
तो इस तरह की स्थिति पैदा नहीं होती।
किसान संगठन भी अब मुआवजे और जवाबदेही की मांग उठा सकते हैं।
