अमेरिका का अब तक का सबसे लंबा सरकारी शटडाउन: 36 दिन से ठप पड़ा कामकाज, 14 लाख कर्मचारी प्रभावित
36 दिनों से ठप सरकारी कामकाज – इतिहास का सबसे लंबा शटडाउन
अमेरिका में 1 अक्टूबर से शुरू हुआ सरकारी शटडाउन आज 36वें दिन में पहुंच गया है, जो देश के इतिहास का सबसे लंबा शटडाउन बन गया है। इससे पहले 2018 में ट्रम्प प्रशासन के दौरान 35 दिन तक सरकारी कामकाज ठप रहा था।
वर्तमान शटडाउन का कारण हेल्थ केयर सब्सिडी बढ़ाने को लेकर राष्ट्रपति और सीनेट में मतभेद है। 13 बार वोटिंग के बावजूद फंडिंग बिल पास नहीं हो सका।
आर्थिक नुकसान ₹1 लाख करोड़ से ज्यादा
अमेरिकी कांग्रेसनल बजट ऑफिस (CBO) के मुताबिक अब तक देश को लगभग 11 अरब डॉलर (करीब ₹1 लाख करोड़) का नुकसान हो चुका है।
अगर शटडाउन जल्द खत्म नहीं हुआ तो GDP में 1% से 2% तक की गिरावट आ सकती है।
हर दिन $400 मिलियन (₹3,300 करोड़) की सैलरी का नुकसान हो रहा है, क्योंकि लाखों सरकारी कर्मचारियों को जबरन छुट्टी पर भेजा गया है या बिना वेतन काम करने पर मजबूर किया गया है।
14 लाख कर्मचारी प्रभावित – कर्ज पर चल रहे हैं घर
करीब 6.7 लाख कर्मचारी फर्लो (छुट्टी पर) भेजे गए हैं, जबकि 7.3 लाख कर्मचारी बिना सैलरी के काम कर रहे हैं।
इस तरह लगभग 14 लाख अमेरिकी अपने खर्च पूरे करने के लिए कर्ज लेने पर मजबूर हैं।
हवाई यात्रा पर संकट: 16,700 उड़ानें लेट, 2,282 रद्द
शटडाउन का सबसे बड़ा असर हवाई यातायात पर पड़ा है।
FAA (Federal Aviation Administration) के अनुसार 31 अक्टूबर से 2 नवंबर के बीच
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16,700 से अधिक उड़ानें देरी से चलीं
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2,282 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं
11,000 एयर ट्रैफिक कंट्रोलर को वेतन नहीं मिला है, जिससे स्टाफ की भारी कमी हो गई है। न्यूयॉर्क एयरपोर्ट्स में तो केवल 20% कर्मचारी ही मौजूद हैं।
4.2 करोड़ अमेरिकियों की फूड सप्लाई बंद
शटडाउन की वजह से 42 मिलियन (4.2 करोड़) लोगों की फूड स्टैंप (SNAP) सहायता रुक गई है।
USDA के पास सिर्फ $5 अरब डॉलर का रिजर्व फंड है, जबकि नवंबर में जरूरत $9.2 अरब डॉलर की है।
न्यूयॉर्क, कैलिफोर्निया और अन्य 25 राज्यों ने इस फैसले के खिलाफ ट्रम्प प्रशासन पर मुकदमा दायर किया है।
अहम एजेंसियों पर असर
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नेशनल न्यूक्लियर सिक्योरिटी एजेंसी: 1,400 कर्मचारियों को छुट्टी पर भेजा गया।
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एनर्जी डिपार्टमेंट: परमाणु सुरक्षा पर खतरा।
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FBI: फंड खत्म, जांच प्रभावित।
शटडाउन क्या है?
अमेरिका में हर साल 1 अक्टूबर से नया फिस्कल ईयर (वित्तीय वर्ष) शुरू होता है।
अगर संसद (कांग्रेस) समय पर बजट पास नहीं करती, तो सरकारी खर्च रुक जाता है और एजेंसियों का काम ठप हो जाता है। इसे Government Shutdown कहा जाता है।
पिछले चर्चित शटडाउन मामले
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2013: कनाडा बॉर्डर की सफाई का काम सिर्फ 1 व्यक्ति कर रहा था।
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2013: 24 विदेशी कब्रिस्तान बंद कर दिए गए थे।
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2018: कर्मचारियों की गैरहाजिरी से सैकड़ों उड़ानें रद्द हुईं।
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2018: FBI ने चेताया था कि उनके पास जांच के लिए पैसे खत्म हो गए हैं।
