करनाल धान घोटाला: हैफेड DM अमित कुमार सस्पेंड, मंडियों में फर्जीवाड़े से बढ़ी कार्रवाई की आंच
करनाल में धान घोटाले का बढ़ता दायरा
हरियाणा के करनाल जिले में सरकारी धान घोटाले का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। धान खरीद में फर्जीवाड़े के बाद अब हैफेड विभाग में बड़ी कार्रवाई हुई है। विभाग के प्रबंध निदेशक ने जिला प्रबंधक (DM) अमित कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
मार्केट कमेटी के बाद अब हैफेड में एक्शन
करनाल और तरावड़ी मंडियों में धान खरीद में गड़बड़ी उजागर होने के बाद फूड एंड सप्लाई विभाग और मार्केट कमेटी के कई अधिकारी पहले ही निलंबित हो चुके हैं। इनमें —
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फूड एंड सप्लाई विभाग के 4 इंस्पेक्टर और 1 सब-इंस्पेक्टर
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तरावड़ी मार्केट कमेटी के सचिव संजीव सचदेवा
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करनाल मंडी सचिव आशा रानी
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2 मंडी सुपरवाइजर, 1 ऑक्शन रिकॉर्डर और 3 ऑपरेटर शामिल हैं।
अब हैफेड DM अमित कुमार पर भी गाज गिरी है। सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में और अफसरों पर कार्रवाई की संभावना है।

आदेश: निलंबन तत्काल प्रभाव से लागू
हैफेड MD द्वारा जारी पत्र में लिखा गया है —
“अमित कुमार, उप महाप्रबंधक (कार्य एवं संचालन), जिला प्रबंधक, हैफेड करनाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है।”
निलंबन अवधि में उन्हें हैफेड कॉमन कैडर नियम 1988 के तहत वेतन व भत्ते मिलेंगे और मुख्यालय पंचकूला निर्धारित किया गया है। आदेश की प्रतियां करनाल जिला कार्यालय, मुख्य महाप्रबंधक पंचकूला और सहकारिता विभाग चंडीगढ़ को भेजी गई हैं।
मंडी में फर्जी गेट पास और करोड़ों का घोटाला
धान सीजन के दौरान करनाल मंडी में बड़ा घोटाला उजागर हुआ।
मार्केटिंग बोर्ड अधिकारी ईश्वर सिंह राणा की शिकायत पर मंडी सचिव आशा रानी और तीन निजी व्यक्तियों — राजेंद्र, अमित और अजय के खिलाफ FIR दर्ज हुई।
जांच में पाया गया कि —
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कई गेट पास मंडी क्षेत्र से बाहर के मोबाइल नंबर और IP एड्रेस से जारी हुए थे।
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यानी मंडी का डेटा सिस्टम बाहर से ऑपरेट हो रहा था।
साइबर सेल करेगी डिजिटल जांच
अब साइबर सेल को गेट पास सिस्टम की तकनीकी जांच सौंपी गई है।
रिपोर्ट में आशंका जताई गई है कि मंडी कर्मचारियों और निजी व्यक्तियों की मिलीभगत से सरकारी धान के करोड़ों रुपए का गबन किया गया।
पहले भी कई अफसरों पर FIR
इससे पहले करनाल, घरौंडा, जुंडला, निसिंग और तरावड़ी मंडियों में भी घोटाले दर्ज हो चुके हैं।
FIR में आरोपियों में शामिल हैं —
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राइस मिल बतान फूड्स सलारू के संचालक सतीश कुमार
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तरावड़ी मंडी सचिव संजीव,
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निरीक्षक यशवीर (घरौंडा),
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संदीप (जुंडला),
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समीर (करनाल) और
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लोकेश (निसिंग)
इन पर आरोप है कि उन्होंने ₹5.93 करोड़ से अधिक का सरकारी धान मिलों में नहीं पहुंचाया।
