सिर्फ पेट्रोल-CNG नहीं, इलेक्ट्रिक वाहनों ने भी तोड़ा रिकॉर्ड — अक्टूबर में बिकीं 2.34 लाख से ज़्यादा EVs
भारत में इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग ने अक्टूबर 2025 में नया कीर्तिमान बना दिया। पारंपरिक पेट्रोल और डीज़ल गाड़ियों के साथ-साथ अब EV सेगमेंट भी देश के ऑटो मार्केट का मजबूत स्तंभ बनता जा रहा है। ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, अक्टूबर 2025 में 2,34,274 इलेक्ट्रिक वाहन रजिस्टर्ड हुए — जो पिछले साल की समान अवधि (2,19,722 यूनिट्स) की तुलना में करीब 7% अधिक है। यानी, औसतन हर दिन देश में 7,500 से ज़्यादा EVs बिकीं।
चारों सेगमेंट में बढ़ी बिक्री
EV की मांग सिर्फ दोपहिया या कारों तक सीमित नहीं रही — चारों श्रेणियों (2W, 3W, PV और CV) में बिक्री बढ़ी है।
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इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर (e-2W) ने सबसे बड़ा हिस्सा (61%) हासिल किया और 3% की साल-दर-साल बढ़त दर्ज की।
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इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर (e-3W) की हिस्सेदारी 30% रही, इसमें 5% की वृद्धि हुई।
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इलेक्ट्रिक पैसेंजर वाहन (e-PV) की बिक्री में 57% की उछाल आई।
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वहीं इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहन (e-CV) की बिक्री में सबसे तेज़ — 121% की जबरदस्त वृद्धि दर्ज की गई।
टू-व्हीलर सेगमेंट में फिर ओला-बजाज का दबदबा
अक्टूबर में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री 1,43,814 यूनिट्स रही — जो अब तक का सर्वोच्च स्तर है। पिछले साल अक्टूबर 2024 में यह आंकड़ा 1,40,225 यूनिट्स था।
इस बार बजाज ऑटो, टीवीएस मोटर, एथर एनर्जी, हीरो मोटोकॉर्प, ओला इलेक्ट्रिक और ग्रीव्स इलेक्ट्रिक मोबिलिटी ने मिलकर पूरे बाजार का लगभग 89% हिस्सा अपने नाम किया।
दिलचस्प रूप से, बजाज ऑटो ने छह महीने बाद टीवीएस को पीछे छोड़ते हुए e-2W बिक्री में पहला स्थान दोबारा हासिल कर लिया।
फोर-व्हीलर EVs की डिमांड में भी उछाल
भारत के इलेक्ट्रिक पैसेंजर वाहन सेगमेंट का बाजार हिस्सा फिलहाल 8% है, लेकिन इसमें तेजी से वृद्धि हो रही है।
अक्टूबर 2025 में 17,942 इलेक्ट्रिक कारें, SUVs और MPVs बिकीं — जो पिछले साल से 57% और सितंबर 2025 से 9% ज्यादा है।
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टाटा मोटर्स ने इस बार भी लगभग 40% मार्केट शेयर बरकरार रखा।
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महिंद्रा एंड महिंद्रा ने अपनी अब तक की सर्वाधिक मासिक बिक्री दर्ज की।
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JSW MG मोटर इंडिया ने 4,497 यूनिट्स की बिक्री के साथ मजबूत प्रदर्शन किया।
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वहीं किआ इंडिया की नई Carens Clavis EV ने उम्मीद से ज़्यादा मांग हासिल की, जिससे कंपनी ने BYD और हुंडई दोनों को पछाड़ दिया।
EV सेक्टर के लिए उत्साहजनक संकेत
सरकार ने जहां पेट्रोल-डीज़ल वाहनों पर टैक्स में थोड़ी राहत दी है, वहीं EVs पर 5% जीएसटी बरकरार रखा गया है। इसके बावजूद रिकॉर्ड बिक्री यह दर्शाती है कि भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी अब सिर्फ भविष्य नहीं, बल्कि वर्तमान हकीकत बन चुकी है।
