तिगरी गंगा मेला 2025: अमरोहा में जुटेंगे 30 लाख श्रद्धालु, रूट डायवर्जन लागू
मुख्य स्नान कल: श्रद्धालुओं की भारी भीड़ का अनुमान
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के तिगरी गंगा धाम पर कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर लगने वाला ऐतिहासिक मेला (अर्धकुंभ) इस बार भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ का साक्षी बनेगा। मुख्य स्नान 5 नवंबर को होगा, जिसमें लगभग 30 लाख श्रद्धालुओं के शामिल होने का अनुमान है।
सुरक्षा व्यवस्था: पुलिस और तकनीक का कमाल
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए चार हजार पुलिस जवान, ATS, डॉग स्क्वायड और इंटेलिजेंस टीम तैनात हैं। मेले में 1,000 से अधिक CCTV कैमरे लगाए गए हैं। अमरोहा पुलिस अधीक्षक अमित कुमार आनंद भी खुद पैदल गस्त कर व्यवस्था का निरीक्षण कर रहे हैं।
रूट डायवर्जन लागू: हाईवे पर वाहनों की आवाजाही सीमित
भारी भीड़ और वाहन जाम को देखते हुए हाईवे पर रूट डायवर्जन लागू किया गया है। दिल्ली से मुरादाबाद जाने वाले वाहनों को संभल, बहजोई, स्याना और गुलावटी के मार्गों से गुजरना होगा। हाईवे पर सुरक्षा के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
राजकीय मेला: तंबुओं का शहर और पारंपरिक आयोजन
त्रेता युग से चली आ रही इस परंपरा को उत्तर प्रदेश सरकार ने राजकीय मेला घोषित किया है। 15 दिनों के लिए सैकड़ों हेक्टेयर क्षेत्र में तंबुओं का शहर बसाया जाता है, जहां श्रद्धालु परिवार सहित ठहरते हैं। गंगा में स्नान के साथ-साथ काली दाल की खिचड़ी का सेवन भी किया जाता है।
दीपदान की परंपरा: महाभारत काल से आज तक
महाभारत युद्ध में मारे गए कुल और सैनिकों की आत्मा शांति के लिए पांडवों से भगवान श्रीकृष्ण ने दीपदान करवाया था। तब से श्रद्धालु कार्तिक पूर्णिमा स्नान से पहले दिवंगत सदस्यों की आत्मा शांति के लिए दीपदान करते हैं।
