Uttar Pradesh बना Power HUB: Diwali पर बिजली खपत में तोड़ा राष्ट्रीय रिकॉर्ड, दिखा विकास और उपभोग का संतुलन
दिवाली 2025 ने उत्तर प्रदेश को रोशनी के साथ-साथ “ऊर्जा शक्ति” का नया प्रतीक बना दिया है। इस साल प्रदेश ने बिजली खपत में पूरे देश को पीछे छोड़ते हुए एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड कायम किया।
राज्य में दिवाली के 24 घंटों के भीतर कुल 1490 लाख यूनिट बिजली की खपत दर्ज की गई, जो अब तक की सबसे अधिक है। इस उपलब्धि के साथ उत्तर प्रदेश देश में बिजली उपभोग के मामले में नंबर-1 राज्य बन गया है।
हरियाणा ने 1390 लाख यूनिट के साथ दूसरा स्थान हासिल किया, जबकि पंजाब (880 लाख यूनिट), दिल्ली (830 लाख यूनिट) और राजस्थान (560 लाख यूनिट) जैसे राज्य भी इस सूची में पीछे रहे।
ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, यह रिकॉर्ड न केवल खपत में वृद्धि को दर्शाता है बल्कि राज्य की बिजली आपूर्ति व्यवस्था में आई स्थिरता और सुधार का भी संकेत देता है। शहरी इलाकों में निर्बाध बिजली और ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच बढ़ने से उपभोग में बड़ा उछाल देखने को मिला।
विशेषज्ञों का मानना है कि यूपी में बढ़ता विद्युत उपभोग राज्य की औद्योगिक गतिविधियों, शहरीकरण और उपभोक्ता शक्ति में वृद्धि का प्रतीक है। हालांकि, यह भी सच है कि इतनी बड़ी खपत के साथ ऊर्जा वितरण और प्रबंधन प्रणाली पर दबाव बढ़ा है, जिसे संतुलित रखना सरकार के लिए एक अहम चुनौती होगी।
दिवाली की इस बिजली रिकॉर्ड ने साफ कर दिया है कि उत्तर प्रदेश सिर्फ सांस्कृतिक रोशनी से नहीं, बल्कि ऊर्जा के क्षेत्र में भी देश का अग्रणी राज्य बनता जा रहा है।
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