मेंटल हेल्थ और नशामुक्ति पर जागरूकता: पेटवाड़ गांव में हरनंद शर्मा फाउंडेशन की पहल

मेंटल हेल्थ और नशामुक्ति पर जागरूकता: पेटवाड़ गांव में हरनंद शर्मा फाउंडेशन की पहल

हिसार जिले के गांव पेटवाड़ में शनिवार को हरनंद शर्मा फाउंडेशन की ओर से मेंटल हेल्थ एवं नशामुक्ति जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण युवाओं और छात्रों में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना और नशे के दुष्प्रभावों से बचाव के लिए उन्हें प्रेरित करना था।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि फाउंडेशन की चेयरपर्सन डॉ. शीतल शर्मा ने कहा कि आज के समय में युवा मानसिक दबाव, तनाव और नशे की गिरफ्त में तेजी से फंस रहे हैं। उन्होंने कहा कि जैसे शारीरिक स्वास्थ्य महत्वपूर्ण है, वैसे ही मानसिक स्वास्थ्य भी जीवन के लिए उतना ही जरूरी है।

डॉ. शर्मा ने छात्रों को समझाया कि “नशा पलभर का सुकून देता है, लेकिन यह जीवनभर की बर्बादी का कारण बन जाता है।” उन्होंने युवाओं से नशे से पूरी तरह दूरी बनाए रखने और सकारात्मक सोच अपनाने की अपील की।

उन्होंने बताया कि पढ़ाई के साथ मानसिक संतुलन बनाए रखना भी जरूरी है। इसके लिए समय पर सोना, संतुलित आहार लेना और मोबाइल फोन का सीमित उपयोग जैसे आदतें अपनानी चाहिए। डॉ. शर्मा ने बच्चों को परिवार के बुजुर्गों के साथ समय बिताने की सलाह दी, जिससे संस्कार और मानसिक स्थिरता विकसित होती है।

 माता-पिता से संवाद का महत्व

डॉ. शीतल शर्मा ने माता-पिता को बच्चों के साथ दोस्ताना व्यवहार रखने की सलाह दी ताकि वे अपनी परेशानियां खुलकर साझा कर सकें। उन्होंने कहा कि संवाद की कमी ही कई बार बच्चों को गलत राह पर ले जाती है।

 विशेषज्ञों की सलाह

कार्यक्रम में मौजूद विशेषज्ञों ने छात्रों को तनाव प्रबंधन, आत्मविश्वास बढ़ाने और मानसिक मजबूती बनाए रखने के व्यावहारिक उपाय बताए। कार्यक्रम के अंत में सभी ने नशे से दूर रहने और मानसिक रूप से मजबूत रहने की शपथ ली।

फाउंडेशन ने बताया कि आगे भी इस प्रकार के सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम अन्य विषयों पर आयोजित किए जाएंगे।

इस मौके पर सरपंच सतबीर सिंह, नीरज शर्मा, डॉ. वेदप्रकाश, राधेश्याम, जयवीर और आशुतोष सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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