हरियाणा में नए जिलों पर बड़ी हलचल: 11 संभावित जिलों पर कमेटी की रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपेगी
हरियाणा में नए जिलों के गठन को लेकर तेज़ी से काम बढ़ रहा है। चंडीगढ़ में कैबिनेट सब-कमेटी की अहम बैठक हुई, जिसमें असंध, नारायणगढ़, मानेसर, पटौदी, पिहोवा, हांसी, बरवाला, सफीदों, गोहाना और डबवाली सहित कुल 11 जगहों को नया जिला बनाने पर चर्चाएँ हुईं।
सरकार को यह फैसला 31 दिसंबर 2025 से पहले लेना होगा, क्योंकि जनगणना शुरू होने से पहले ज़िलों की सीमा बदलने की यह अंतिम तारीख है।
62 प्रस्तावों की गहन स्क्रूटनी
कमेटी ने अब तक आए 62 जिला-निर्माण प्रस्तावों का गहराई से विश्लेषण कर अपनी अंतिम रिपोर्ट तैयार कर ली है। यह रिपोर्ट अब मुख्यमंत्री नायब सैनी को सौंपी जाएगी।
नया जिला बनाने के लिए रखे गए मानक:
-
125–200 गांव
-
4 लाख से अधिक आबादी
-
80,000 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल
ये मानक पूरे होने पर ही किसी क्षेत्र को जिला बनाने पर विचार किया जाता है।
चंडीगढ़ में हुई हाई-लेवल बैठक
बैठक यूएलबी मंत्री विपुल गोयल के निवास पर हुई। कमेटी की अध्यक्षता कृष्ण लाल पंवार ने की। कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा, शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा, और आईएएस अधिकारी सुमिता मिश्रा भी मौजूद रहीं।
सब-कमेटी ने प्रस्तावों पर एक-एक करके चर्चा की और प्रशासनिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए अपनी सिफारिशों को अंतिम रूप दिया।
सब-डिविजन और तहसील के प्रस्ताव भी शामिल
सिर्फ नए जिले ही नहीं, बल्कि संभावित:
-
सब-डिविजन
-
तहसील
-
उप-तहसील
के प्रस्तावों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। लक्ष्य है कि नए जिलों का प्रशासनिक ढांचा संतुलित और सुचारु हो।
हांसी और डबवाली पर विशेष विचार
हांसी और डबवाली पहले से ही पुलिस जिला हैं। कमेटी ने इन दोनों को पूर्ण जिला बनाने की व्यवहार्यता पर अलग से मंथन किया।
इनके आसपास के जिलों का प्रशासनिक बोझ और जनसंख्या वितरण भी मूल्यांकित किया गया।
73 अन्य प्रशासनिक पुनर्गठन प्रस्ताव भी लंबित
कमेटी को कुल 73 प्रशासनिक पुनर्गठन प्रस्ताव भी मिले हैं, जिनमें कई गांवों को नए सब-डिविजन, नई तहसील या किसी दूसरे जिले में शामिल करने जैसे सुझाव शामिल हैं।
इन प्रस्तावों पर भी वही प्रक्रिया अपनाई जा रही है जो जिलों के लिए की गई है।
लंबे समय से उठ रही है नए जिलों की मांग
हरियाणा में काफी समय से 5 बड़े क्षेत्रों को जिला बनाने की मांग चल रही थी:
-
असंध
-
हांसी
-
डबवाली
-
मानेसर
-
गोहाना
निकाय चुनावों के बाद सरकार ने इस दिशा में कदम उठाते हुए 4 दिसंबर 2024 को कमेटी का गठन किया था, जिसने मात्र दो महीनों में रिपोर्ट तैयार कर ली है।
अब निगाहें सरकार के अंतिम फैसले पर
अब सभी की नज़र मुख्यमंत्री नायब सैनी के फैसले पर है। नए जिलों की घोषणा न केवल प्रशासनिक सुधार लाएगी बल्कि स्थानीय नागरिकों के लिए सुविधाओं को भी आसान और तेज़ बनाएगी।
