गुरुग्राम में ब्लैकमेलिंग गैंग का पर्दाफाश: महिला वकील, पति और गुब्बारा बेचने वाला गिरफ्तार

गुरुग्राम में ब्लैकमेलिंग गैंग का पर्दाफाश: महिला वकील, पति और गुब्बारा बेचने वाला गिरफ्तार

गुरुग्राम में बड़ा खुलासा: महिला वकील और उसके साथियों ने रचा था ब्लैकमेलिंग का खेल

गुरुग्राम पुलिस ने एक ब्लैकमेलिंग गैंग का भंडाफोड़ किया है, जो अमीर लोगों को फर्जी POCSO एक्ट के मामलों में फंसा कर उनसे मोटी रकम वसूलता था।
इस गिरोह का संचालन एक महिला वकील, उसके पति और एक गुब्बारे बेचने वाले द्वारा किया जा रहा था।

पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उन्हें 7 दिन की रिमांड पर लिया गया है।


महिला वकील गीतिका बनी रैकेट की मास्टरमाइंड

गिरफ्तार महिला वकील की पहचान गीतिका के रूप में हुई है।
डीसीपी साउथ हितेश यादव ने बताया कि सेक्टर 65 थाना क्षेत्र में एक POCSO एक्ट का मामला सामने आया था, जिसमें एक बिजनेसमैन पर छोटे बच्चे से कुकर्म का आरोप लगाया गया था।

यह शिकायत हनुमान नाम के व्यक्ति ने दर्ज कराई थी, जो सड़क किनारे गुब्बारे और खिलौने बेचता है।


जांच में खुला फर्जीवाड़े का राज

पुलिस जांच के दौरान हनुमान की गतिविधियों पर शक हुआ।
पूछताछ में उसने पूरी साजिश का खुलासा कर दिया।
उसने बताया कि गीतिका नाम की महिला वकील उसे पैसे देती थी ताकि वह उसके कहने पर अमीर लोगों के खिलाफ फर्जी शिकायतें दर्ज करा सके।

हनुमान का काम था कि वह अपने छोटे बेटे के नाम पर किसी भी व्यक्ति पर कुकर्म का झूठा आरोप लगवा दे — जिससे मामला POCSO एक्ट के तहत दर्ज हो जाता और फिर पीड़ित से ब्लैकमेल कर पैसे वसूले जाते।


तीन से अधिक मामलों में फंसाए गए निर्दोष लोग

डीसीपी ने बताया कि इस गिरोह ने अब तक तीन से अधिक फर्जी मामलों में लोगों को फंसाया है।
हर बार POCSO एक्ट का डर दिखाकर लाखों रुपये वसूले जाते थे।

पुलिस के अनुसार, यह गिरोह बहुत संगठित तरीके से ब्लैकमेलिंग करता था —

  • वकील गीतिका योजना बनाती थी,

  • उसका पति पीड़ितों से पैसे वसूलता था,

  • और हनुमान अपने बेटे के जरिए झूठा केस दर्ज कराता था।


SIT की कार्रवाई और आगे की जांच

पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर 7 दिन की पुलिस रिमांड पर लिया है।
अब जांच की जा रही है कि क्या इस गैंग में अन्य वकील या पुलिस कर्मी भी शामिल थे।

डीसीपी हितेश यादव ने कहा —

“ऐसे अपराध समाज के लिए बेहद खतरनाक हैं। कानून की आड़ में निर्दोषों को फंसाना गंभीर अपराध है, और इसमें शामिल हर व्यक्ति को सख्त सजा मिलेगी।”

Leave a Comment