हरियाणा में मौसम का बदलता मिज़ाज: बारिश से बढ़ी ठंड, अब आ रहा सर्द हवाओं का दौर
पश्चिमी विक्षोभ से बदला मौसम
हरियाणा में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। मंगलवार देर शाम हिसार, सिरसा और फतेहाबाद में गरज-चमक के साथ बारिश हुई, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई और ठंड बढ़ गई।
बारिश के चलते फतेहाबाद की अनाज मंडी में पानी भर गया, जिससे खुले में रखे सैकड़ों टन धान भीग गए। किसानों को इससे भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
मौसम विभाग का अलर्ट
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने मंगलवार के लिए पंचकूला, अंबाला और यमुनानगर में बारिश का अलर्ट जारी किया था। हालांकि इन जिलों में बारिश नहीं हुई, लेकिन आसमान में बादल छाए रहे।
IMD का कहना है कि आज रात से पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) दोबारा सक्रिय होगा और 5 नवंबर को हरियाणा के कई हिस्सों में फिर से बारिश की संभावना है।
गिरा तापमान, शुरू हुई ठंड की दस्तक
बारिश के बाद सुबह के समय हल्की ठंड महसूस हो रही है। लोग अब गर्म कपड़े पहनने लगे हैं और कई स्कूलों ने विंटर यूनिफॉर्म शुरू करने का संदेश भी माता-पिता को भेज दिया है।
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गुरुग्राम की रात सबसे ठंडी रही — न्यूनतम तापमान करीब 12°C दर्ज किया गया।
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हिसार में रात्रि तापमान 13.9°C रहा, जो सामान्य से 1.4°C कम है।
मौसम विज्ञानियों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण अब दिन के तापमान में और गिरावट देखने को मिलेगी, जिससे ठंड और महसूस होगी।
विशेषज्ञों की राय — “6 नवंबर से और बढ़ेगी ठंड”
हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ ने बताया कि
“4 नवंबर की रात से मौसम में हल्का बदलाव देखने को मिलेगा। 5 तारीख को कहीं-कहीं गरज चमक के साथ बूंदाबांदी हो सकती है। इसके बाद 6 से 9 नवंबर तक मौसम खुश्क रहेगा।”
उन्होंने कहा कि उत्तर और उत्तर-पश्चिमी हवाएं चलने लगेंगी, जिससे दिन का तापमान थोड़ा बढ़ेगा लेकिन रातें और ठंडी होंगी।
हरियाणा के ठंडे जिले — तापमान 15°C से नीचे
मौसम में आए बदलाव का असर अब पूरे राज्य में दिख रहा है।
इन 6 जिलों में तापमान 15°C से कम दर्ज किया गया:
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गुरुग्राम (12.7°C)
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पंचकूला (13.7°C)
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हिसार
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नारनौल
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कैथल
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पानीपत
इसके अलावा करनाल, महेंद्रगढ़, जींद, सोनीपत और फरीदाबाद में तापमान 16°C से नीचे चला गया है।
किसानों के लिए अलर्ट
मौसम विभाग और कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि
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खुले में रखी फसलों को तिरपाल से ढकें।
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बारिश के बाद खेतों में जलभराव की निकासी करें।
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रबी सीजन की फसलों के लिए मिट्टी की नमी को बनाए रखें, ताकि गेहूं और सरसों की बुवाई पर असर न पड़े।
आगे क्या?
6 से 9 नवंबर के बीच हरियाणा में मौसम खुश्क और ठंडा रहेगा। इसके बाद एक और पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना जताई जा रही है।
इसका मतलब है कि नवंबर का पहला सप्ताह ही ठंड की शुरुआत का संकेत दे रहा है।
