इंडिगो फ्लाइट संकट पर छत्तीसगढ़ सिविल सोसाइटी का कड़ा विरोध, 9000 करोड़ का मुआवजा मांग

इंडिगो फ्लाइट संकट पर छत्तीसगढ़ सिविल सोसाइटी का कड़ा विरोध, 9000 करोड़ का मुआवजा मांग

छत्तीसगढ़ की सिविल सोसाइटी ने इंडिगो एयरलाइंस के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कानूनी नोटिस भेजा है। नोटिस में इंडिगो से पीड़ित यात्रियों को टिकट कीमत का दस गुना मुआवजा देने की मांग की गई है। साथ ही प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और उड्डयन मंत्री को भी इस मामले में शिकायत भेजी गई है। सिविल सोसाइटी ने इंडिगो पर ₹9000 करोड़ (लगभग 1 बिलियन डॉलर) का जुर्माना लगाने और भविष्य में ऐसी समस्याओं को रोकने के लिए सख्त कानून बनाने की भी मांग की है।

फ्लाइट कैंसिलेशन से यात्रियों को भारी परेशानी

रायपुर से मुंबई जाने वाली फ्लाइट सहित देश के कई प्रमुख शहरों से आने-जाने वाली फ्लाइटें लगातार कैंसिल हो रही हैं। मंगलवार को रायपुर से मुंबई जाने वाली फ्लाइट कैंसिल हुई, वहीं मुंबई, दिल्ली और हैदराबाद से भी फ्लाइट रद्द की गई। पिछले चार दिनों में रायपुर से कुल 64 फ्लाइटें रद्द हो चुकी हैं। पूरे देश में पिछले पांच दिनों में 3000 से अधिक फ्लाइटें कैंसिल हो चुकी हैं, जिससे यात्रियों को भारी आर्थिक और मानसिक नुकसान हुआ है।

यात्रियों को न इंडिगो, न एयरपोर्ट से मदद

यात्रियों को न तो इंडिगो एयरलाइंस की ओर से और न ही एयरपोर्ट अथॉरिटी की ओर से कोई संतोषजनक जवाब मिल रहा है। एयरपोर्ट डायरेक्टर और इंडिगो के अधिकारी कॉल्स का जवाब नहीं दे रहे हैं, जिससे यात्रियों की नाराजगी और बढ़ रही है।

सिविल सोसाइटी की मांगें और चेतावनी

छत्तीसगढ़ सिविल सोसाइटी के संयोजक डॉ. कुलदीप सोलंकी ने कहा है कि इतनी बड़ी संख्या में फ्लाइट कैंसिल करना यात्रियों के अधिकारों का उल्लंघन है और DGCA के नियमों की अनदेखी है। सोसाइटी ने इंडिगो से पांच दिनों के अंदर हर यात्री को टिकट कीमत का कम से कम दस गुना मुआवजा देने, होटल खर्च, वैकल्पिक यात्रा और चिकित्सा खर्च की भरपाई करने की मांग की है। यदि पांच दिनों में संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो वे सिविल और आपराधिक कार्रवाई शुरू करने की चेतावनी दे रहे हैं।

इंडिगो का हाल और यात्रियों की नाराजगी

6 दिसंबर को बिना किसी सूचना के इंडिगो ने 11 फ्लाइटें रद्द कर दी थीं। यात्रियों को केवल टिकट राशि वापसी का आश्वासन मिला, लेकिन कई यात्रियों को अभी तक पैसा वापस नहीं मिला है। यात्रियों का कहना है कि रिफंड मिलने से उनकी परेशानी कम नहीं हुई क्योंकि उनका समय और योजना पूरी तरह बिगड़ गई है।

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