Diljit Dosanjh’s के करियर की शुरुआत और संघर्ष भरा सफर ,जानिए कैसे बना Punjabi Singer
पंजाबी सिंगर और अभिनेता दिलजीत दोसांझ ने हाल ही में अमिताभ बच्चन के शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ में अपने जीवन की चुनौतियों और संघर्षों के बारे में खुलकर बात की। उन्होंने अपने बचपन, पारिवारिक रिश्तों और करियर की शुरुआत से जुड़ी कई अनकही बातें साझा की।
11 साल की उम्र में माता-पिता से अलग होना
दिलजीत ने बताया कि जब वे सिर्फ 10-11 साल के थे, तो उनके माता-पिता ने उन्हें नानी-नाना के घर भेज दिया। यह निर्णय बिना उनसे पूछे लिया गया, जो उनके लिए बेहद मुश्किल समय साबित हुआ। उस समय मोबाइल या फोन नहीं होते थे, इसलिए वे अपने माता-पिता से केवल हर 3-4 महीने मिल पाते थे।
पिता का शांत स्वभाव और जीवन की सीख
दिलजीत के पिता सरकारी नौकरी में थे और रोडवेज की बसों में टिकट चेक करते थे। दिलजीत बताते हैं कि उनके पिता का जीवन बेहद साधारण और शांत था। उन्हें ज्यादा भौतिक इच्छाएं नहीं थीं। दिलजीत ने कहा, “मेरे पिता ने मुझसे कहा था कि बेटा, तुम्हारे पास खाने के लिए रोटी और रहने के लिए घर मिलेगा, बाकी जिंदगी में जो करना चाहो, खुद से कर सकते हो।”
संगीत के प्रति जुनून और शुरुआती संघर्ष
दिलजीत का संगीत के प्रति जुनून बचपन से ही स्पष्ट था। उन्होंने बताया कि उनकी पहली एल्बम रिलीज के बाद, लोग उन्हें शादी और बर्थडे जैसे फंक्शन में बुक करने लगे। शुरुआती दिनों में परफॉर्मेंस के लिए सिर्फ 2000 रुपये मिलते थे, लेकिन यही अनुभव उनके करियर की नींव बना। उन्होंने कहा कि अपने पिता की सीमित सैलरी के कारण, घर में आए हर अवसर को अच्छे से निभाना उनके लिए बहुत महत्वपूर्ण था।
दिलजीत की कहानी इस बात का प्रमाण है कि संघर्ष, धैर्य और जुनून के साथ कोई भी अपने सपनों को हकीकत में बदल सकता है।
