हरियाणा सरकार की डायरेक्ट एसएमओ भर्ती समेत मांगों को लेकर डॉक्टरों की दो दिन की हड़ताल
हरियाणा सरकार द्वारा डायरेक्ट सीनियर मेडिकल ऑफिसर (एसएमओ) भर्ती समेत अन्य मांगें पूरी न किए जाने के विरोध में प्रदेश के सरकारी डॉक्टर 8 और 9 दिसंबर को दो दिन की हड़ताल पर रहेंगे। प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में तैनात करीब 3900 डॉक्टरों में से कई डॉक्टर हड़ताल में शामिल हैं।
हड़ताल की वजह और सरकार से बातचीत
डॉक्टरों की मांगों को लेकर सरकार और हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन (HCMSA) के बीच 5 दिसंबर को चंडीगढ़ में बैठक हुई थी, लेकिन इसमें कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया। बैठक में डॉक्टरों ने साफ कर दिया था कि उनकी मांगों पर जब तक ठोस फैसला नहीं होता, वे हड़ताल पर रहेंगे।
डॉ. विवेक शर्मा, जिला अध्यक्ष, महेंद्रगढ़ ने बताया कि यदि सरकार 8 दिसंबर से पहले अपनी मांगों पर निर्णय लेती है, तो हड़ताल टाल दी जाएगी, नहीं तो यह अनिश्चितकालीन भी हो सकती है।
हड़ताल का असर
सोमवार को हड़ताल का असर सरकारी अस्पतालों में नजर आया। कई अस्पतालों में डॉक्टरों ने अपने केबिन खाली रखे और मरीज बाहर लाइन में खड़े दिखे। पंचकूला के सिविल अस्पताल में मेडिसिन ओपीडी के लिए मुलाना मेडिकल कॉलेज से डॉक्टर बुलाए गए, ताकि सेवा बाधित न हो। सोनीपत और बहादुरगढ़ के अस्पतालों में भी मरीजों को काफी परेशानी हुई।
बातचीत के तीन दौर
डॉ. शर्मा ने बताया कि बातचीत के तीन चरण हुए। पहले चरण में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी से, दूसरे में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजेश खुल्लर से और तीसरे में स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल से चर्चाएं की गईं। चर्चा सकारात्मक रही, लेकिन फाइनल निर्णय नहीं हो पाया।
हड़ताल का भविष्य
डॉक्टरों ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया, तो 10 दिसंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू हो सकती है।
