IAS सचिन गुप्ता: सिरसा से UPSC टॉपर तक का सफर, अब रोहतक DC के रूप में फिर सुर्खियों में
हरियाणा के IAS अधिकारी सचिन गुप्ता, जिन्होंने UPSC परीक्षा में ऑल इंडिया थर्ड रैंक हासिल की थी, एक बार फिर चर्चाओं में हैं। इस बार कारण बना है 3 नवंबर को रोहतक में इनेलो का जलभराव विरोध प्रदर्शन, जहां अभय चौटाला ने उन्हें ज्ञापन लेने के लिए आधे घंटे का अल्टीमेटम दिया।
सचिन गुप्ता फिलहाल रोहतक के डिप्टी कमिश्नर (DC) हैं और अपने सख्त प्रशासनिक रवैये और बिना झुकने वाले स्वभाव के लिए जाने जाते हैं।
प्रदर्शन के दौरान अभय चौटाला का अल्टीमेटम
3 नवंबर को रोहतक में जलभराव की समस्या को लेकर इनेलो ने बड़ा प्रदर्शन किया।
अभय चौटाला ने चेतावनी देते हुए कहा —
“डीसी साहब याद रखना, नहीं तो हमारी याददाश्त बहुत तेज है। डीसी जनता से बड़ा नहीं है।”
अल्टीमेटम के 5 मिनट बाद ही DC सचिन गुप्ता मौके पर पहुंचे और ज्ञापन लिया। अभय चौटाला ने पूछा — “आप कहां के हैं?”
सचिन ने जवाब दिया — “सिरसा का हूं।”
इस पर अभय बोले — “फिर तो मुझे जानता होगा।”
सचिन गुप्ता ने शांत स्वर में कहा — “यह ज्ञापन राज्यपाल को भेजा जाएगा।”
पहले भी विवादों में रह चुके हैं IAS सचिन गुप्ता
यह पहली बार नहीं है जब सचिन गुप्ता किसी राजनीतिक विवाद में आए हों।
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अंबाला नगर निगम कमिश्नर रहते उन्होंने कांग्रेस विधायक निर्मल सिंह से मुलाकात के दौरान खड़े होकर अभिवादन नहीं किया था।
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विधायक ने इसे “प्रोटोकॉल का उल्लंघन” बताया था और शिकायत मुख्यमंत्री तक पहुंची थी।
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इसके बाद सचिन गुप्ता का ट्रांसफर कर दिया गया था।
सिरसा से दिल्ली तक का सफर
सचिन गुप्ता का जन्म हरियाणा के सिरसा जिले में हुआ।
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पिता सुदर्शन गुप्ता किसान हैं,
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मां सुषमा गुप्ता सरकारी अध्यापिका रहीं।
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परिवार का सिरसा के भादरा बाजार में गुड़ और दाल के थोक व्यापार से जुड़ा काम रहा है।
उन्होंने DAV स्कूल सिरसा से पढ़ाई की और थापर यूनिवर्सिटी, पटियाला से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की।
इसके बाद उन्हें मारुति-सुजुकी कंपनी में 6.5 लाख वार्षिक पैकेज पर नौकरी मिली।
UPSC में तीसरे प्रयास में सफलता
सचिन ने नौकरी के दौरान भी UPSC की तैयारी जारी रखी।
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2015: पहला प्रयास — मेंस तक नहीं पहुंचे।
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2016: दूसरा प्रयास — 575वीं रैंक मिली, असिस्टेंट डायरेक्टर बने।
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2017: तीसरे प्रयास में ऑल इंडिया थर्ड रैंक।
उन्होंने कहा था —
“पिताजी ने IAS बनने का आइडिया दिया और मां ने पूरा साथ दिया। मेरा सपना है समाज में परिवर्तन लाना।”
हरियाणा कैडर मिला, अनु कुमारी चूक गईं
2018 बैच में सोनीपत की अनु कुमारी को दूसरा रैंक मिला था और सचिन गुप्ता को तीसरा।
टेक्निकल एरर की वजह से अनु हरियाणा कैडर नहीं भर सकीं और उन्हें केरल कैडर मिला।
सचिन गुप्ता को हरियाणा कैडर आवंटित हुआ।
बार-बार हुए ट्रांसफर
साल 2021 में 3 दिन में तीन बार ट्रांसफर होना भी उनकी प्रोफेशनल लाइफ का हिस्सा रहा।
वे रह चुके हैं —
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अंबाला कैंट के SDM
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महेंद्रगढ़ ADC
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पंचकूला नगर निगम कमिश्नर
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अंबाला ADC और एस्टेट ऑफिसर
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और अब रोहतक DC
परिवार और निजी जीवन
IAS सचिन गुप्ता छह भाई-बहनों में सबसे छोटे हैं और परिवार के पहले सरकारी अधिकारी बने।
उनकी पत्नी हीना गुप्ता IRS अधिकारी हैं, जो पंचकूला हेड ऑफिस में तैनात हैं।
भाई जेपी गुप्ता का परिवार उड़ीसा के पूर्व राज्यपाल प्रो. गणेशीलाल के बेटे मनीष सिंगला से पारिवारिक संबंध रखता है।
