सिरसा के रोहण गांव में सरकारी स्कूल की भूमि पर अवैध कब्जा उजागर, आरटीआई में खुला मामला
सिरसा जिले के रोहण गांव में सरकारी स्कूल की जमीन पर अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। गांव के ही एक व्यक्ति द्वारा स्कूल की भूमि पर खेती की जा रही थी। यह खुलासा गांव निवासी हरप्रीत सिंह द्वारा सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत मांगी गई जानकारी से हुआ।
पटवारी की मौजूदगी में हुई पैमाइश, सामने आया कब्जा
पंचायत प्रतिनिधियों और पटवारी की मौजूदगी में जब स्कूल की जमीन की पैमाइश करवाई गई तो पता चला कि स्कूल की भूमि पर गांव के एक किसान राज सिंह द्वारा कब्जा कर खेती की जा रही थी।
सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि स्कूल प्रशासन और शिक्षा विभाग को इस कब्जे की कोई जानकारी नहीं थी।
पैमाइश के बाद जितनी भूमि सरकारी स्कूल की निकली, उसे संबंधित किसान ने खाली कर स्कूल को सौंप दिया।

आरटीआई के जरिए मांगी थी विभागीय कार्रवाई की जानकारी
हरप्रीत सिंह ने सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 6(1) के तहत आवेदन देकर कई महत्वपूर्ण सवाल पूछे:
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स्कूल की जमीन पर अवैध कब्जा होने पर विभाग ने क्या कार्रवाई की?
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जब एक साल पहले निशानदेही में कब्जे की पुष्टि हो चुकी थी, तब तक चारदीवारी या फेंसिंग क्यों नहीं करवाई गई?
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जिम्मेदार अधिकारियों के नाम व विभागीय कार्रवाई की स्थिति क्या है?
इन सवालों ने प्रशासन और शिक्षा विभाग की लापरवाही को साफ तौर पर उजागर कर दिया।
पंचायत की पैमाइश में सामने आया स्कूल का असली क्षेत्र
हरप्रीत सिंह ने बताया कि पैमाइश प्रक्रिया में शामिल थे:
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पूर्व सरपंच गुरजंट सिंह
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अवतार सिंह चौकीदार
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चमकौर सिंह
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पूर्व सरपंच जगसीर सिंह
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पटवारी दर्शन सिंह
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चरण सिंह
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स्कूल स्टाफ
इनकी मौजूदगी में हुई पैमाइश में गांव निवासी राज सिंह के खेत से 35 फुट चौड़ाई और 2 एकड़ लंबाई का हिस्सा सरकारी स्कूल की भूमि निकला। पंचायत के हस्तक्षेप के बाद किसान ने यह जमीन वापस कर दी।
शिक्षा विभाग और स्कूल प्रबंधन का जवाब चौंकाने वाला
आरटीआई के जवाब में बड़ागुढ़ा बीईओ और स्कूल प्रबंधन ने कहा कि:
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“स्कूल की जमीन पर कोई कब्जा नहीं है।”
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“कोई पैमाइश नहीं करवाई गई।”
जबकि जमीन खाली करवाए जाने से ठीक पहले पंचायत की मौजूदगी में पैमाइश की जा चुकी थी।
इस विरोधाभासी जवाब से साफ होता है कि शिक्षा विभाग और स्कूल प्रबंधन दोनों स्तरों पर गंभीर लापरवाही और निगरानी की कमी रही है।
ग्रामीणों की मांग – अब जल्द हो स्कूल की चारदीवारी
ग्रामीणों ने कहा कि अब जब भूमि स्कूल के कब्जे में आ चुकी है, तो शिक्षा विभाग को तुरंत:
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स्कूल की चारदीवारी करवानी चाहिए
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भूमि को सुरक्षित रखना चाहिए
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भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए निगरानी बढ़ानी होगी
