हिसार में नवविवाहिता ने पति पर दहेज उत्पीड़न और जबरन गर्भपात का आरोप, IPC की धाराओं में केस दर्ज

हिसार में नवविवाहिता ने पति पर दहेज उत्पीड़न और जबरन गर्भपात का आरोप, IPC की धाराओं में केस दर्ज

हिसार | 31 अक्टूबर 2025
हरियाणा के हिसार जिले के बास क्षेत्र से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक नवविवाहिता ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर दहेज मांगने, स्त्रीधन हड़पने और जबरन गर्भपात कराने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
पुलिस ने जांच के बाद पति अजेश के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 85 और 316(2) के तहत मामला दर्ज किया है।


शादी के कुछ महीनों बाद बढ़ी दहेज की मांग

पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि उसकी शादी 7 मार्च 2024 को अजेश नामक युवक से हुई थी।
शादी में उसके परिवार ने करीब ₹25 लाख खर्च किए, जिसमें सोने-चांदी के गहने और ₹1 लाख नकद शामिल थे।
महिला के अनुसार, शादी के कुछ दिनों बाद ही पति, सास, ससुर और ननद ने कार की मांग शुरू कर दी।
जब उसने अपने माता-पिता की आर्थिक स्थिति का हवाला दिया, तो ससुराल पक्ष ने ताने मारने और मारपीट शुरू कर दी।


“बुखार की गोली बताकर कराई गर्भपात”

महिला का आरोप है कि जून 2024 में जब उसने बताया कि वह गर्भवती है, तो पति और सास ने कहा कि उन्हें अभी बच्चा नहीं चाहिए।
इसके बाद उसे “बुखार की गोली” बताकर गर्भपात की दवा दी गई, जिससे उसका गर्भ गिर गया।
बाद में अगस्त 2024 में उसे मायके भेज दिया गया और कहा गया कि “जब तक कार नहीं मिलेगी, ससुराल में जगह नहीं।”


सुलह की कोशिशें रहीं नाकाम

महिला के पिता ने कई बार समझौते की कोशिश की।
दिसंबर 2024 में थाने में सुलह का प्रयास हुआ, लेकिन पति उसे लेने नहीं आया।
सितंबर 2025 में जब पिता दोबारा ससुराल पहुंचे, तो परिजनों ने साफ कह दिया कि वे केवल “मुकदमे से बचने के लिए झूठा आश्वासन” दे रहे थे और अब तलाक लेकर दूसरी शादी करने का इरादा रखते हैं।


पुलिस जांच में पति के खिलाफ मिले सबूत

थाना बास की महिला उपनिरीक्षक सुमन रानी द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में पति अजेश पर दहेज मांगने और मानसिक उत्पीड़न के आरोप सही पाए गए हैं।
हालांकि, सास, ससुर और ननद पर लगे आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है।
मामले की आगे की जांच महिला उपनिरीक्षक सुमन रानी को सौंप दी गई है।


कानूनी प्रावधान

  • धारा 85 (BNS) – पत्नी को दहेज के लिए प्रताड़ित करने या मानसिक/शारीरिक हिंसा करने पर सजा का प्रावधान।

  • धारा 316(2) – गर्भवती महिला के गर्भपात कराने या कराए जाने से संबंधित अपराध।

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