नारनौंद के पेटवाड़ गांव में जमीन विवाद: खरीदार ने लगाया कब्जे और धमकी का आरोप, पुलिस जांच में जुटी
हिसार जिले के नारनौंद क्षेत्र के गांव पेटवाड़ में जमीन विवाद का मामला सामने आया है। रोहतक के रहने वाले एक व्यक्ति ने आरोप लगाया है कि उसकी खरीदी हुई जमीन पर गांव के ही एक व्यक्ति ने जबरन कब्जा कर लिया है। इतना ही नहीं, आरोपी पर फसल काटने के बाद ठेका राशि न देने और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।
बिना अनुमति के धान की बिजाई
शिकायतकर्ता जगमोहन पुत्र सूरजभान बोहर (निवासी रोहतक) ने नारनौंद थाना में दी शिकायत में बताया कि उन्होंने सितेंद्र पुत्र सतबीर निवासी पेटवाड़ से खसरा नंबर 346//14, 17, 07 में से कुल 24 कनाल (लगभग 3 एकड़) जमीन दो बार में खरीदी थी।
जगमोहन के अनुसार, वे गांव से दूर रहने के कारण खेत पर नियमित रूप से नहीं जा पाते थे। इसी दौरान, सितेंद्र ने बिना अनुमति के उसी जमीन पर धान की बिजाई कर दी।
जमीन खाली करवाने की गुहार
जगमोहन ने बताया कि जब उन्हें इस कब्जे की जानकारी मिली, तो सितेंद्र ने छह माह के लिए ₹75,000 ठेका राशि देने का वादा किया था। लेकिन फसल कटाई के बाद न तो उसने ठेका राशि का भुगतान किया और न ही जमीन खाली की।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि सितेंद्र अब भी जमीन पर जबरन कब्जा जमाए हुए है और जब भी वह खेत में आते हैं, तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी जाती है।
पुलिस ने दर्ज किया केस, जांच अपराध शाखा को सौंपी
प्रार्थी की शिकायत पर नारनौंद थाना पुलिस ने आरोपी सितेंद्र के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 329(3) और 351(3) के तहत मामला दर्ज किया है।
मामले की जांच अब अपराध शाखा नारनौंद को सौंप दी गई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह विवाद गांव में चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह के जमीन विवादों से आपसी तनाव बढ़ता है, इसलिए प्रशासन को ऐसे मामलों का शीघ्र निपटारा सुनिश्चित करना चाहिए।
