एनजीटी ने हांसी नगर परिषद पर ठोस कचरा प्रबंधन में लापरवाही के लिए ₹67 लाख का जुर्माना लगाया

एनजीटी ने हांसी नगर परिषद पर ठोस कचरा प्रबंधन में लापरवाही के लिए ₹67 लाख का जुर्माना लगाया

ठोस कचरा प्रबंधन में लापरवाही पर एनजीटी की सख्ती

हरियाणा के हिसार जिले की हांसी नगर परिषद पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ₹67 लाख का पर्यावरण जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई ठोस कचरा प्रबंधन (Solid Waste Management) से जुड़ी गंभीर लापरवाहियों और पर्यावरण मानकों के उल्लंघन के चलते की गई है।

एनजीटी की जांच में पाया गया कि नगर परिषद ठोस कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण नहीं कर रही थी, जिससे स्थानीय पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा था।


रिपोर्ट में उजागर हुई खामियां

एनजीटी को सौंपी गई जांच रिपोर्ट में हांसी नगर परिषद के ठोस कचरा प्रबंधन में कई तकनीकी और व्यवस्थागत कमियां पाई गईं। इनमें प्रमुख रूप से –

  • कचरे का पृथक्करण (Segregation) प्रभावी रूप से नहीं किया जा रहा।

  • डंपिंग यार्ड में वैज्ञानिक प्रबंधन का अभाव।

  • गेहूं और अन्य वस्तुओं के साथ मिश्रित कचरे का भंडारण, जो प्रदूषण और दुर्गंध का कारण बन रहा था।

  • ठोस कचरे के पुनर्चक्रण (Recycling) और निस्तारण (Disposal) की व्यवस्था अधूरी थी।

इन खामियों के चलते एनजीटी ने नगर परिषद पर जुर्माना लगाते हुए कहा कि यह राशि पर्यावरण संरक्षण और सुधार कार्यों में उपयोग की जाएगी।


प्रशासन ने दी सफाई — खामियां की जाएंगी दूर

इस मामले पर हांसी के एसडीएम राजेश खोथ ने बताया कि उपायुक्त के निर्देश पर एक संयुक्त समिति का गठन किया गया है, जिसमें पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के अधिकारी भी शामिल हैं। समिति ने डंपिंग यार्ड का निरीक्षण कर सुधार योजना तैयार की है।

एसडीएम ने बताया –

“नगर परिषद ठोस कचरा प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। डंपिंग स्टेशन की चारदीवारी का निर्माण कराया जाएगा और मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (MRF) को अपग्रेड किया जा रहा है।”

उन्होंने आगे कहा कि अब कचरे के पृथक्करण (Segregation) पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है और सभी कार्य Solid Waste Management Rules 2016 के तहत किए जा रहे हैं।


स्वच्छता व्यवस्था पर रखी जा रही सख्त निगरानी

नगर परिषद टीम अब शहर की सफाई व्यवस्था और कचरा उठान प्रक्रिया पर नियमित निगरानी रख रही है। अधिकारियों ने दावा किया है कि भविष्य में इस तरह की लापरवाही नहीं दोहराई जाएगी।

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