बारिश से धान की फसल बर्बाद: किसान फसल बचाने में जुटे, कांग्रेस ने मुआवजे की मांग की
सिरौली गौसपुर (उत्तर प्रदेश), 3 नवंबर 2025:
लगातार हुई भारी बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। सिरौली गौसपुर तहसील क्षेत्र में तीन दिनों तक हुई लगातार बारिश से धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है।
खेतों में पानी भर जाने से फसलें सड़ने लगीं, जिससे किसान अब अपनी मेहनत को बचाने की जद्दोजहद में लगे हुए हैं।
लगातार बारिश से खेत बने तालाब
मंगलवार से गुरुवार तक हुई लगातार भारी बारिश के कारण क्षेत्र के अधिकांश खेतों में जलभराव की स्थिति बन गई।
शनिवार और रविवार को जब मौसम साफ हुआ तो किसान तुरंत खेतों की ओर दौड़े और पानी निकालने का प्रयास शुरू किया।
किसानों का कहना है कि अगर जल्द पानी नहीं निकला, तो धान की पूरी फसल चौपट हो जाएगी।
किसानों की पीड़ा
स्थानीय किसान श्याम इंद्रसेन, जगजीवन, राम प्रसाद और राम सजीवन ने बताया कि इस बारिश ने उन्हें मानसिक और आर्थिक दोनों रूप से तोड़ दिया है।
उनका कहना है कि
“कई दिनों की अचानक बारिश ने हमारी मेहनत पर पानी फेर दिया। कटाई के बाद सुखाने की प्रक्रिया चल रही थी, लेकिन अब सब कुछ गीला हो गया है।”
किसानों ने बताया कि अब उन्हें फसल को फिर से तैयार करने के लिए अतिरिक्त श्रम और खर्च करना पड़ रहा है, जिससे उत्पादन लागत बढ़ गई है और नुकसान भी भारी है।
कांग्रेस ने उठाई आवाज
किसानों की परेशानी को देखते हुए कांग्रेस पार्टी ने जिलाधिकारी से हस्तक्षेप की मांग की है।
पार्टी नेताओं ने कहा कि प्रशासन को तुरंत क्षेत्र की जांच कराकर प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देना चाहिए ताकि वे अगली फसल की तैयारी कर सकें।
कांग्रेस ने यह भी कहा कि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों के लिए विशेष राहत पैकेज की घोषणा की जानी चाहिए।
किसान बोले – “सरकार ध्यान दे, नहीं तो कर्ज में डूब जाएंगे”
कई किसानों का कहना है कि अगर सरकार ने मदद नहीं की तो उन्हें कर्ज में डूबना पड़ सकता है।
धान की फसल अधिकांश किसानों के लिए मुख्य आय का स्रोत होती है, और इस नुकसान से उनकी पूरी साल की कमाई प्रभावित हो गई है।
