बागेश्वर धाम के पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री बोले — ‘दिल्ली ब्लास्ट से नहीं डरेंगे, सनातनियों की पदयात्रा रुकने वाली नहीं’
दिल्ली ब्लास्ट के बाद जहां देशभर में डर और चिंता का माहौल है, वहीं बागेश्वर धाम के पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने साफ कहा है कि उनकी 150 किमी की ‘सनातन एकता पदयात्रा’ किसी धमकी या धमाके से नहीं रुकेगी।
मंगलवार को हरियाणा के पलवल से यात्रा के 5वें दिन उन्होंने कहा —
“कुछ कट्टरपंथी मजहबी लोग सनातनियों को डराने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन सनातनी डरने वाले नहीं होते।”
“हम इस्लाम के खिलाफ नहीं, अपनी बहनों की सुरक्षा के लिए खड़े हैं”
धीरेंद्र शास्त्री ने अपने बयान में साफ कहा कि उनका किसी धर्म या समुदाय से कोई विरोध नहीं है —
“हम इस्लाम के खिलाफ नहीं हैं। हमें किसी के रीति-रिवाजों से कोई दिक्कत नहीं।
हमने बस इतना कहा है कि हमारी बेटियां दुर्गा और काली बनें… लेकिन कभी बुर्के वाली मत बनें।”
उन्होंने कहा कि उनकी यह यात्रा 150 करोड़ हिंदुओं की एकता और जागृति के लिए है, ताकि समाज में विचारों का परिवर्तन लाया जा सके।
सड़क पर बैठकर वाल्मीकि समाज के साथ भोजन
मंगलवार को यात्रा के दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने वाल्मीकि समाज के लोगों के साथ जमीन पर बैठकर भोजन किया।
वे खुद लोगों को अपने हाथ से खाना परोसते नजर आए। उन्होंने कहा —
“सनातन धर्म की सबसे बड़ी ताकत है — समानता और सेवा।
कोई ऊँच-नीच नहीं, सब एक हैं।”
दिल्ली ब्लास्ट के बाद बढ़ाई गई सुरक्षा
सोमवार शाम दिल्ली में हुए कार ब्लास्ट के बाद इस पदयात्रा की सुरक्षा को लेकर पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है।
पहले जहां हरियाणा पुलिस की 3 कंपनियां तैनात थीं, अब उनकी संख्या बढ़ाकर 5 कर दी गई है।
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पुलिस ने रस्सी का घेरा बनाकर यात्रा मार्ग को सुरक्षित किया है।
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किसी को भी धीरेंद्र शास्त्री के नजदीक जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
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पुलिस लगातार ड्रोन और CCTV के जरिए निगरानी कर रही है।
विदेशी ताकतों पर शास्त्री का निशाना
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा —
“विदेशी ताकतें चाहे जितनी कोशिश कर लें, हमें तोड़ नहीं सकतीं।
हम एकजुट होकर चलेंगे।
जब तक समाज में विचारों का परिवर्तन नहीं आएगा, तब तक यह यात्रा नहीं रुकेगी।”
सनातन एकता पदयात्रा का सफर
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शुरुआत: दिल्ली से
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रूट: हरियाणा के पलवल होते हुए मथुरा की ओर
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समापन: 16 नवंबर को वृंदावन में
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उद्देश्य: सनातन धर्म की एकता, सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक जागरण
यात्रा में हजारों श्रद्धालु शामिल हैं, जो “जय श्रीराम” और “भारत माता की जय” के जयकारों के साथ आगे बढ़ रहे हैं।
