हांसी में पशु क्रूरता पर पुलिस की सख्ती — 38 पशु मुक्त, दो आरोपी गिरफ्तार
पशु क्रूरता के खिलाफ हांसी पुलिस की बड़ी कार्रवाई
हिसार जिले के हांसी में पुलिस ने पिपला पुल के पास पशु क्रूरता के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने एक ट्रक से 27 भैंसें, 10 कटड़े (भैंस के नर बच्चे) और एक कटड़ी (मादा बच्ची) सहित कुल 38 पशुओं को अमानवीय स्थिति में ले जाए जाने से मुक्त कराया।
यह कार्रवाई पुलिस की रात्रि गश्त के दौरान की गई।
सूचना मिलते ही की गई नाकाबंदी
एएसआई वीरेंद्र अपनी टीम के साथ सिंघवा खास इलाके में गश्त पर थे,
तभी हांसी कंट्रोल रूम से सूचना मिली कि
एक आइशर कैंटर में बड़ी संख्या में पशुओं को क्रूरतापूर्वक भरकर हांसी से रोहतक की ओर ले जाया जा रहा है।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने पिपला पुल पुलिस नाके पर नाकाबंदी कर दी।
कुछ देर बाद संदिग्ध ट्रक वहां पहुंचा, जिसे पुलिस ने तुरंत रोक लिया।
ट्रक में भरे मिले 38 पशु
जांच के दौरान पाया गया कि ट्रक की डबल स्टोरी बॉडी में
कुल 38 पशुओं को ठूंस-ठूंसकर रखा गया था,
जिनके लिए ना तो हवा का रास्ता था और ना ही चारे-पानी की कोई व्यवस्था।
पुलिस ने बताया कि
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ट्रक चालक की पहचान राजेंद्र (निवासी सिरसा) के रूप में हुई।
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ट्रक परिचालक वसीम (निवासी बागपत, उत्तर प्रदेश) है।
दोनों को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।
पशु क्रूरता अधिनियम के तहत केस दर्ज
पुलिस के अनुसार, यह मामला पशु क्रूरता अधिनियम 1960 की
धारा 11, 59 और 60 के तहत आता है।
पशुओं को अत्यंत अमानवीय परिस्थितियों में ले जाया जा रहा था,
जो कानून का स्पष्ट उल्लंघन है।
इस मामले की जांच हेड कांस्टेबल संदीप को सौंपी गई है।
भविष्य में सख्त निगरानी का आश्वासन
बास थाना प्रभारी बलवान सिंह ने बताया कि
भविष्य में ऐसे मामलों को रोकने के लिए
पशु तस्करी और क्रूरता पर सख्त निगरानी रखी जाएगी।
उन्होंने कहा —
“पशुओं के साथ अमानवीय व्यवहार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
