हिसार में शराब ठेके का विरोध: खारिया और डोभी गांवों की महिलाओं ने किया धरना शुरू, कहा— “हमारे गांव में ठेका नहीं चाहिए”

हिसार में शराब ठेके का विरोध: खारिया और डोभी गांवों की महिलाओं ने किया धरना शुरू, कहा— “हमारे गांव में ठेका नहीं चाहिए”

हिसार, हरियाणा | 31 अक्टूबर 2025
हिसार जिले के बालसमंद क्षेत्र में एक नए शराब ठेके को लेकर ग्रामीणों का विरोध बढ़ता जा रहा है। खारिया और डोभी गांवों के बीच खोले गए इस ठेके के खिलाफ गांव की महिलाओं ने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। महिलाएं ठेके को तुरंत हटाने की मांग कर रही हैं, उनका कहना है कि इससे क्षेत्र का माहौल बिगड़ रहा है और महिलाओं की सुरक्षा पर असर पड़ रहा है।


महिलाओं का आरोप – ठेके से बढ़ रही हैं परेशानियां

धरने में शामिल संतोष, गुड्डी, लीला, कल्पना समेत कई महिलाओं ने बताया कि यह शराब ठेका गांवों से लगभग 10 एकड़ की दूरी पर खोला गया है, जबकि वर्षों से इस इलाके में कोई ठेका नहीं था।
महिलाओं का कहना है कि ठेके पर शराब पीने आने वाले लोग लड़कियों और महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार करते हैं। इससे आस-पास के ढाणी निवासियों और ग्रामीण परिवारों को परेशानी हो रही है।

“हमारे बच्चों और बेटियों की सुरक्षा खतरे में है। पहले यहां माहौल शांत था, अब रोज झगड़े और शोर-शराबा होने लगा है।” — धरने पर बैठी महिलाओं ने कहा।


ठेकेदार का जवाब – साजिश के तहत किया जा रहा विरोध

वहीं, ठेकेदार राजेंद्र ने महिलाओं के आरोपों को साजिश बताया है। उनका कहना है कि उन्होंने विभाग से कानूनी अनुमति लेकर निर्धारित शुल्क जमा करके ठेका खोला है।
उन्होंने कहा,

“यह ठेका खारिया गांव की जमीन पर है और डोभी से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर स्थित है। कोई भी व्यक्ति गलत व्यवहार नहीं करता, यह सब विरोधी लोगों की साजिश है जिन्होंने महिलाओं को आगे किया है।”


डोभी में प्रतिबंध, इसलिए खारिया में खुला ठेका

जानकारी के अनुसार, डोभी गांव में कन्या गुरुकुल होने के कारण वर्षों से शराब की बिक्री प्रतिबंधित है।
पहले इस ठेके को डोभी गांव के नजदीक खोलने की योजना थी, लेकिन ग्रामीणों के तीव्र विरोध के बाद इसे खारिया गांव की जमीन पर स्थानांतरित किया गया।

जुलाई महीने में भी डोभी के ग्रामीणों ने इसी कारण से शराब ठेके के खिलाफ विरोध किया था और धमकियां मिलने की शिकायतें भी दर्ज करवाई थीं।


ग्रामीणों की मांग – ठेका हटे या प्रशासन हस्तक्षेप करे

विरोध कर रही महिलाओं ने कहा कि अगर प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो वे आंदोलन तेज करेंगी। ग्रामीणों ने मांग की है कि ठेके को तुरंत बंद किया जाए, ताकि क्षेत्र का सामाजिक वातावरण और सुरक्षा बनी रहे।


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