हरियाणा में बढ़ता वायु प्रदूषण: बहादुरगढ़ और धारूहेड़ा में सांस लेना हुआ मुश्किल हरियाणा बना देश का सबसे प्रदूषित राज्य

 हरियाणा में बढ़ता वायु प्रदूषण: बहादुरगढ़ और धारूहेड़ा में सांस लेना हुआ मुश्किल हरियाणा बना देश का सबसे प्रदूषित राज्य

हरियाणा के कई शहरों में वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। खासकर बहादुरगढ़, धारूहेड़ा और जींद जैसे शहरों में एक्यूआई (AQI) रेड जोन में दर्ज किया गया है। निर्माण कार्यों, फैक्ट्रियों और वाहनों से निकलने वाले धुएं ने हवा की गुणवत्ता को बेहद खराब कर दिया है।

 प्रमुख शहरों का AQI स्तर

शहर (City) AQI स्तर स्थिति (Air Quality Status)
बहादुरगढ़ 325 बहुत खराब (Very Poor)
धारूहेड़ा 322 बहुत खराब (Very Poor)
जींद 302 बहुत खराब (Very Poor)
धौलपुर (राजस्थान) 311 बहुत खराब (Very Poor)
दिल्ली 305 बहुत खराब (Very Poor)

🔴 301 से ऊपर AQI होने पर हवाबहुत खराबश्रेणी में मानी जाती है।

 क्यों बढ़ रहा है प्रदूषण?

  • कंस्ट्रक्शन वर्क से उड़ने वाली धूल
  • फैक्ट्रियों से निकलने वाला धुआं
  • वाहनों का उत्सर्जन
  • खेतों में पराली जलाना
  • मौसम में नमी और हवा की धीमी गति

उत्तर-पश्चिमी हवाओं के कारण फिलहाल कुछ राहत मिली है, लेकिन अगले 5 दिनों में बारिश की संभावना नहीं है। इससे प्रदूषण का स्तर कम होने की उम्मीद फिलहाल नहीं है।

 स्वास्थ्य विभाग की तैयारियां

हरियाणा के स्वास्थ्य विभाग ने प्रदूषण से बढ़ रही बीमारियों को देखते हुए दमा, खांसी और एलर्जी की दवाओं का स्टॉक पूरा कर लिया है।
अस्पतालों में सांस, आंखों में जलन और एलर्जी के मरीजों की संख्या बढ़ रही है।

 ग्रैप (GRAP) क्या है?

ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए चार चरणों में लागू किया जाता है —

AQI रेंज वायु की स्थिति लागू चरण (GRAP Stage)
201–300 खराब (Poor) चरण 1
301–400 बहुत खराब (Very Poor) चरण 2
401–450 गंभीर (Severe) चरण 3
450+ बेहद गंभीर (Severe+) चरण 4

🗓️ 19 अक्टूबर 2025 से दिल्ली-NCR में GRAP का दूसरा चरण लागू किया गया है।

 क्या हैस्मॉग“?

स्मॉग यानी Smoke + Fog का मिश्रण — यह एक पीला या काला कोहरा होता है जो वायु में मौजूद नाइट्रोजन ऑक्साइड, सल्फर ऑक्साइड और कार्बनिक कंपाउंड के कारण बनता है।
सूर्य के प्रकाश के साथ इन गैसों की प्रतिक्रिया से ओजोन बनती है, जो सेहत के लिए हानिकारक है।

विशेषज्ञ की राय:

हिसार कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विशेषज्ञ डॉ. मदन खीचड़ के अनुसार, स्मॉग के कारण दिन में दृश्यता कम होती है और सांस संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ता है।

 

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