उकलाना की मित्तल कॉटन फैक्ट्री में भीषण आग, लाखों का नुकसान — बड़ी दुर्घटना टली
हिसार जिले के उकलाना क्षेत्र में रविवार दोपहर एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। गांव प्रभुवाला के पास स्थित मित्तल कॉटन फैक्ट्री में अचानक लगी आग ने पूरे इलाके में अफरा-तफरी मचा दी। बताया गया कि काम के दौरान पाइप से निकली एक चिंगारी वहां रखे कॉटन (नरमा) के बड़े ढेर में जा गिरी, जिससे आग तेजी से फैल गई। देखते ही देखते पूरा परिसर धुएं और लपटों से भर गया।
कैसे लगी आग
फैक्ट्री मालिक नीरज मित्तल के अनुसार, दोपहर के समय फैक्ट्री में कर्मचारी नियमित काम में व्यस्त थे। तभी अचानक पाइप में से एक स्पार्क (चिंगारी) निकली और वहां रखे नरमे के दड़े (ढेर) में गिर गई। कुछ ही मिनटों में आग ने आसपास रखे अन्य कपास के ढेरों को भी अपनी चपेट में ले लिया।
कर्मचारियों और ग्रामीणों ने मिलकर की आग पर काबू पाने की कोशिश
पहले तो कर्मचारियों ने अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन लपटें इतनी तेज थीं कि वे सफल नहीं हो सके। आग का धुआं उठता देख आसपास की फैक्ट्रियों के मालिक और गांववाले मौके पर पहुंचे।
सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां भी घटनास्थल पर पहुंचीं। लगभग एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका। ग्रामीणों ने भी बुझाने में अहम भूमिका निभाई।
10 लाख रुपये से ज्यादा का नुकसान
नीरज मित्तल ने बताया कि आग से करीब 10 लाख रुपये मूल्य का कॉटन जलकर राख हो गया। हालांकि, राहत की बात यह रही कि आग मशीनों तक नहीं पहुंची, अन्यथा नुकसान कई गुना अधिक हो सकता था।
बड़ा हादसा टल गया
इन दिनों नरमे का सीजन चल रहा है, और उकलाना क्षेत्र में अब केवल तीन-चार कॉटन फैक्ट्रियां ही सक्रिय हैं। नरमा अत्यधिक ज्वलनशील पदार्थ होता है — थोड़ी सी चिंगारी भी भारी आग का रूप ले सकती है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि अगर फायर ब्रिगेड समय पर नहीं पहुंचती, तो आग और भी विकराल रूप ले सकती थी।
प्रशासन के लिए चेतावनी
यह घटना सुरक्षा मानकों की अनदेखी का एक बड़ा उदाहरण है। फैक्ट्रियों में फायर सेफ्टी उपकरणों की नियमित जांच और रखरखाव जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं टाली जा सकें।
