हिसार में स्मॉग का कहर: सुबह AQI 500 तक पहुंचा, हरियाणा के कई शहर रेड जोन में

हिसार में स्मॉग का कहर: सुबह AQI 500 तक पहुंचा, हरियाणा के कई शहर रेड जोन में

हिसार | 31 अक्टूबर 2025
हरियाणा में प्रदूषण का स्तर एक बार फिर खतरनाक सीमा को पार कर गया है।
हिसार में सुबह 11 बजे तक आसमान स्मॉग की मोटी चादर से ढका रहा, जिससे दृश्यता बेहद कम हो गई। सुबह के समय शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 500 तक पहुंच गया, जो “गंभीर श्रेणी (Severe)” में आता है।


हरियाणा के प्रदूषित शहरों में हिसार भी शामिल

राज्य के कई शहरों में वायु गुणवत्ता चिंताजनक स्तर पर पहुंच गई है।
रोहतक और धारूहेड़ा देश के सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल हो गए हैं, जहां AQI 400 के पार दर्ज किया गया।
वहीं, हिसार का औसत AQI 398 के आसपास रहा — जो दिल्ली के स्तर के बराबर प्रदूषण दर्शाता है।

हालांकि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने हिसार की आधिकारिक रिपोर्ट जारी नहीं की, परंतु स्थानीय पर्यावरण सेंसरों के अनुसार वायु गुणवत्ता बेहद खराब पाई गई।


हरियाणा के ये शहर भी रेड जोन में

राज्य के पांच प्रमुख शहर ऐसे हैं, जहां AQI 300 से अधिक दर्ज किया गया —
बहादुरगढ़, सोनीपत, बल्लभगढ़, चरखी दादरी और जींद।
ये सभी शहर “रेड ज़ोन” में शामिल हो चुके हैं।
वहीं अंबाला, फतेहाबाद, हिसार, करनाल, पलवल, सिरसा और यमुनानगर के एक्यूआई डेटा को अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।


मौसम ने बढ़ाई प्रदूषण की मार

प्रदूषण के साथ-साथ अब रात का तापमान भी गिरने लगा है।
राज्य में न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है।

  • नारनौल: 15°C

  • हिसार: 16.5°C

  • रोहतक: 20°C (सामान्य से 5°C अधिक)

तापमान में गिरावट और हवाओं की धीमी रफ्तार से स्मॉग की परत जमीन के पास जम रही है, जिससे वायु प्रदूषण का स्तर और गंभीर हो गया है।


मौसम विभाग की चेतावनी

चौधरी चरण सिंह कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के कृषि मौसम विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ ने बताया कि

“3 नवंबर तक मौसम शुष्क रहेगा।
उत्तर-पश्चिमी हवाओं के चलने से तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी, लेकिन हवा की कम गति के कारण स्मॉग से राहत नहीं मिलेगी।”

उन्होंने यह भी कहा कि फसलों की कटाई और पराली जलाने की घटनाएँ बढ़ने से वायु गुणवत्ता पर और असर पड़ सकता है।


क्या करें नागरिक?

पर्यावरण विशेषज्ञों ने नागरिकों को सावधानी बरतने की सलाह दी है:

  • सुबह और शाम के समय बाहर निकलने से बचें

  • N95 मास्क का प्रयोग करें

  • छोटे बच्चों, बुजुर्गों और दमा रोगियों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए

  • घरों में पौधे और एयर प्यूरीफायर का प्रयोग करें

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