यमुनानगर में दर्दनाक हादसा: रोडवेज बस की चपेट में आईं 6 छात्राएं, बीकॉम फाइनल ईयर की आरती की मौके पर मौत, आरोपी चालक गिरफ्तार

यमुनानगर में दर्दनाक हादसा: रोडवेज बस की चपेट में आईं 6 छात्राएं, बीकॉम फाइनल ईयर की आरती की मौके पर मौत, आरोपी चालक गिरफ्तार

हरियाणा के यमुनानगर जिले के प्रतापनगर में गुरुवार सुबह हुए एक दिल दहला देने वाले हादसे ने पूरे राज्य को झकझोर दिया। हरियाणा रोडवेज की बस में चढ़ने की कोशिश कर रही छह छात्राएं बस के पिछले टायर के नीचे आ गईं, जिसमें कुटीपुर गांव की बीकॉम फाइनल ईयर की छात्रा आरती (20 वर्ष) की मौत हो गई, जबकि पांच छात्राएं गंभीर रूप से घायल हैं।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि बस चालक अनिल (निवासी गढ़ी उजाले खां, गोहाना, सोनीपत) ने शराब पी रखी थी। आरोपी को गिरफ्तार कर BNS की धारा 106 (गैर-इरादतन हत्या) के तहत केस दर्ज किया गया है।


 हादसे की सुबह: “पापा बचा लो, मैं जीना चाहती हूं…”

गुरुवार सुबह करीब 7:30 बजे प्रतापनगर बस स्टैंड पर कॉलेज जाने वाली छात्राएं बस का इंतजार कर रही थीं।
जैसे ही पांवटा साहिब से दिल्ली जा रही हरियाणा रोडवेज बस आई, छात्राएं चढ़ने लगीं। उसी दौरान ड्राइवर ने अचानक रेस दे दी।

छात्राएं बस के नीचे जा गिरीं — और तभी बीकॉम फाइनल ईयर की छात्रा आरती बस के डबल टायर के नीचे आ गई। टायर उसके पेट के ऊपर से दो बार गुजरे।

जब पिता रामकुमार (पेंटर) मौके पर पहुंचे और बेटी को गोद में उठाया, तो वह दर्द से तड़पते हुए बस यही कहती रही —

“पापा, बचा लो… मैं जीना चाहती हूं। मुझे पेट के नीचे कुछ महसूस नहीं हो रहा।”

रामकुमार उसे लेकर यमुनानगर के कई अस्पतालों में दौड़े, लेकिन जब सभी डॉक्टरों ने जवाब दे दिया तो वे PGI चंडीगढ़ ले गए।
लेकिन PGI के गेट पर पहुंचते ही आरती ने दम तोड़ दिया।


 पिता बोले — “बेटी में जीने की इच्छा थी”

रामकुमार ने बताया कि आरती अपने आखिरी सांस तक जीवित रहने की कोशिश करती रही।

“वह कह रही थी कि इलाज के बाद चाहे जैसी हालत हो, मैं जी लूंगी।”

परंतु भाग्य को कुछ और मंजूर था।
शाम को पोस्टमॉर्टम के बाद आरती का शव परिजनों को सौंप दिया गया।


 प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया — “बस ने दो बार कुचला”

घायल छात्रा अंजलि, जो आरती की पुरानी स्कूल फ्रेंड थी, ने बताया —

“हम सब बस में चढ़ रहे थे तभी ड्राइवर ने रेस दे दी। 8–10 लड़कियां नीचे गिर गईं। आरती बस के नीचे आ गई। बस के पिछले टायर उसके पेट के ऊपर से दो बार गुजरे। उसकी चीखें आज भी कानों में गूंज रही हैं।”

दूसरी छात्रा अमनदीप ने बताया कि “आरती के कपड़े फट चुके थे, पेट से आंतें बाहर आ गई थीं, और आसपास खून ही खून था।”


 आरोपी गिरफ्तार, बस चालक नशे में था

पुलिस जांच और मेडिकल रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि चालक अनिल नशे में था।
उस पर गैर-इरादतन हत्या (BNS धारा 106) का मामला दर्ज किया गया है।
उसे कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।


 हादसे के बाद रोडवेज विभाग की कार्रवाई

घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने ड्राइवर और कंडक्टर पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
रोडवेज ने तुरंत दोनों को सस्पेंड कर दिया और प्रतापनगर रूट पर पांच नई बसें चलाने की घोषणा की।

इनमें महिलाओं के लिए स्पेशल बस सेवा भी शुरू की गई है —

  • यमुनानगर से प्रतापनगर (सुबह 5:00 बजे)

  • प्रतापनगर से यमुनानगर (सुबह 6:20 बजे)

  • महिलाओं के लिए विशेष बस (सुबह 7:50 बजे और शाम 4:30 बजे)


 “अब छोटी बेटी को बस में नहीं भेजूंगा” — पिता

रामकुमार की चार संतानें हैं — बड़ा बेटा मोहित, दूसरी आरती, तीसरी बेटी आशा और सबसे छोटा बेटा रोहित।
छोटी बेटी आशा आईटीआई करती है और रोजाना बस से कॉलेज जाती है।
अब रामकुमार कहते हैं —

“आरती के बाद अब मैं अपनी बेटी को बस में नहीं भेजूंगा। पढ़ाई छोड़नी पड़े तो भी सही, पर ऐसी मौत दोबारा नहीं देखना चाहता।”


 घायल छात्राएं अब भी अस्पताल में

घायल छात्राओं — अर्चिता (बीटेक), अंजलि (बीसीए), संजना (नर्सिंग), मुस्कान (टिब्बी) और अमनदीप (प्रतापनगर) — का इलाज निजी अस्पताल में चल रहा है।

परिवहन मंत्री अनिल विज ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं।
वहीं, पूर्व मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता और दोषियों की बर्खास्तगी का वादा किया है।


 सवाल बरकरार — सड़क सुरक्षा कब तक अनदेखी?

यह हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सिस्टम की लापरवाही का दर्दनाक परिणाम है।
शराब पीकर बस चलाने वाला चालक आखिर सड़क पर कैसे था?
क्यों छात्रों के लिए सुरक्षित बस सेवाओं की व्यवस्था नहीं है?

आरती की आखिरी आवाज़ —

“पापा, मैं जीना चाहती हूं…”
अब हर माता-पिता के दिल में गूंज रही है।

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