हांसी में होटल के सेप्टिक टैंक में दो कर्मचारियों की मौत, हरियाणा मानव अधिकार आयोग ने लिया संज्ञान – मांगी रिपोर्ट

हांसी में होटल के सेप्टिक टैंक में दो कर्मचारियों की मौत, हरियाणा मानव अधिकार आयोग ने लिया संज्ञान – मांगी रिपोर्ट

हरियाणा के हिसार जिले के हांसी से दर्दनाक खबर सामने आई है। एक होटल के सेप्टिक टैंक में उतरे दो कर्मचारियों की जहरीली गैस से मौत हो गई। घटना के बाद हरियाणा मानव अधिकार आयोग (HSHRC) ने स्वत: संज्ञान लेते हुए होटल मालिक और प्रशासनिक अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की है।


 बिना सुरक्षा उपकरणों के टैंक में उतरे कर्मचारी

घटना हांसी के एक स्थानीय होटल की है, जहां कार्यरत सोमवीर (गांव गढ़ी निवासी) और वीरेंद्र (गांव जमावड़ी निवासी) को सीवर मोटर खराब होने पर टैंक में उतरने के लिए मजबूर किया गया
दोनों को बिना ऑक्सीजन सिलेंडर, गैस डिटेक्शन या किसी सुरक्षा उपकरण के अंदर भेजा गया था।

टैंक में उतरते ही सोमवीर जहरीली गैसों के संपर्क में आकर बेहोश हो गया, उसे बचाने के लिए वीरेंद्र नीचे उतरा, लेकिन वह भी बेहोश होकर वहीं गिर पड़ा। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।


 परिवार ने होटल प्रबंधन पर लगाया लापरवाही का आरोप

मृतक कर्मचारियों के परिजनों ने होटल प्रबंधन पर जबरदस्ती और लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि होटल प्रशासन ने सुरक्षा मानकों की अनदेखी की और उन्हें टैंक में उतरने के लिए बाध्य किया


 मानव अधिकार आयोग ने मांगी 6 सप्ताह में रिपोर्ट

हरियाणा मानव अधिकार आयोग ने इस मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए डीसी हिसार को निर्देशित किया है कि वे 6 सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट भेजें
रिपोर्ट में यह जानकारी शामिल करनी होगी कि —

  • मृतकों के परिवारों को क्या मुआवजा राशि दी गई,

  • एफआईआर में अब तक क्या कार्रवाई हुई,

  • होटल मालिक के पास संचालन लाइसेंस था या नहीं।

इसके अलावा आयोग ने एमसी हांसी को भी पत्र भेजा है ताकि सभी प्रशासनिक औपचारिकताएं जांची जा सकें।


 सीवरेज मौत पर 10 लाख का मुआवजा नियम

आयोग ने स्पष्ट किया है कि बिना सुरक्षा उपकरणों के सीवर या टैंक में काम करवाना एक दंडनीय अपराध है।
ऐसे मामलों में प्रत्येक मृतक के परिवार को ₹10 लाख की अनिवार्य क्षतिपूर्ति राशि दी जानी चाहिए।


 आयोग का सख्त संदेश

हरियाणा मानव अधिकार आयोग ने प्रशासन को आगाह किया है कि —

“मानव गरिमा और सुरक्षा मानकों की अवहेलना किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे हादसों को रोकने के लिए जवाबदेही तय की जानी चाहिए।”

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