अलीनगर का चुनावी माहौल: मिथिला की ‘पाग’ से उठा सियासी तूफ़ान, मैथिली ठाकुर की राह क्यों हुई मुश्किल?
तारीख: 23 अक्टूबर
स्थान: अलीनगर, दरभंगा, बिहार
बिहार की राजनीति में इस बार एक अलग ही रंग देखने को मिल रहा है। लोक गायिका मैथिली ठाकुर जबसे अलीनगर सीट से BJP प्रत्याशी बनी हैं, तबसे यह सीट पूरे मिथिला क्षेत्र में चर्चा का केंद्र बन गई है।
लेकिन एक वीडियो ने चुनावी हवा को गरमा दिया — जिसमें यूपी की विधायक केतकी सिंह मंच से “मिथिला की पाग” (पगड़ी) उठाकर लोगों से उसका महत्व पूछती हैं। जब भीड़ कहती है, “मिथिला का सम्मान है,” तो केतकी पाग को टेबल पर पटकते हुए कहती हैं, “नहीं, मिथिला का सम्मान ये है,” और इशारा करती हैं मैथिली ठाकुर की ओर।
इसके बाद मैथिली का एक और वीडियो सामने आता है — जिसमें वे उसी पाग में मखाना रखकर खाती नजर आती हैं। बस फिर क्या था, सोशल मीडिया से लेकर गांव की चौपाल तक “पाग विवाद” छा गया।
अलीनगर का समीकरण: ब्राह्मण और मुस्लिम तय करेंगे जीत
अलीनगर विधानसभा में लगभग 25% ब्राह्मण और 23% मुस्लिम वोटर हैं। यही दोनों समुदाय यहां की राजनीति का फैसला करते हैं। 2010 और 2015 में RJD के अब्दुल बारी सिद्दीकी ने यहां जीत दर्ज की थी, जबकि 2020 में VIP के मिश्री लाल यादव ने बाजी मारी थी — सिर्फ 3101 वोटों के अंतर से।
इस बार मुकाबला है:
- BJP की मैथिली ठाकुर
- RJD के विनोद मिश्र
- और कुछ अन्य दलों के उम्मीदवारों के बीच।
लोग क्या कह रहे हैं?
हमने अलीनगर के 25 से ज्यादा गांवों का दौरा किया।
लोगों की राय तीन हिस्सों में बटी मिली —
- सरकारी योजनाओं से संतुष्ट जनता:
नीतीश कुमार और नरेंद्र मोदी की योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचा है। कुछ लोग इसलिए मैथिली को वोट देने के पक्ष में हैं। - ‘बाहरी उम्मीदवार’ पर नाराज़गी:
कई लोगों का कहना है कि मैथिली ठाकुर कभी अलीनगर नहीं आईं।
पाली गांव के रविंद्र ठाकुर कहते हैं —
“पाग मिथिला की शान है। पाग में मखाना खाना अपमान है।”
वहीं रोहित मिश्र का कहना है —
“मैथिली को मिथिलावासियों से माफी मांगनी चाहिए।” - स्थानीय बनाम बाहरी की बहस:
कौरथु गांव के अभिषेक ठाकुर कहते हैं —
“BJP ने लोकल उम्मीदवार दिया होता तो वोट देते। हम नीतीश को पसंद करते हैं, लेकिन मैथिली को वोट नहीं देंगे। वे बाहरी हैं।”
बाढ़ और बेरोजगारी बने मुख्य मुद्दे
अलीनगर में हर साल कोसी और कमला नदियों की बाढ़ तबाही लाती है।
पाली गांव के एजाज अहमद कहते हैं —
“यह इलाका 8 महीने पानी में डूबा रहता है। कोई सरकार स्थायी समाधान नहीं करती।”
युवाओं में बेरोजगारी सबसे बड़ा दर्द है। अभिषेक ठाकुर कहते हैं —
“नीतीश कुमार ने सड़कों और बिजली पर काम किया, पर नौकरी देने में पिछड़ गए।”
महिलाओं की राय
मीना देवी और गायत्री देवी जैसी महिलाएं कहती हैं कि उन्हें सरकार की योजनाओं का लाभ मिला है।
मीना कहती हैं —
“नीतीश जी ने हमें 10 हजार रुपए दिए, अब डर नहीं लगता।”
गायत्री जोड़ती हैं —
“जिसके खाते में पैसा आया है, वोट उसी को देंगे।”
विश्लेषक क्या कहते हैं?
स्थानीय पत्रकार अभिषेक झा के अनुसार —
“ब्राह्मण और मुस्लिम वोटर निर्णायक भूमिका में हैं। इस बार ब्राह्मण वोटों में बिखराव है, जिससे RJD के विनोद मिश्र को बढ़त मिल सकती है।”
राजनीतिक विश्लेषक प्रियदर्शी रंजन कहते हैं —
“मैथिली ठाकुर सेलिब्रिटी हैं, NDA का कोर वोट उन्हें मिलेगा। लेकिन पाग विवाद और बाहरी छवि से नुकसान भी झेलना पड़ेगा।”
सीनियर पत्रकार प्रवीण बागी का कहना है —
“मैथिली राजनीति में नई हैं, अनुभव कम है। मोदी-नीतीश की लहर से उन्हें थोड़ा फायदा मिल सकता है, पर मुकाबला कठिन है।”
मैथिली ठाकुर का जवाब
फोन पर बातचीत में मैथिली ठाकुर ने कहा —
“मैं प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के काम से प्रेरित हूं। मैं उन्हीं के नाम पर चुनाव लड़ रही हूं।”
