राजस्थान में पेट्रोल-डीजल चोरी का काला खेल: टैंकर से चुराया तेल, मिलावट कर बेचा ₹60 लीटर में
राजस्थान में ईंधन चोरी का संगठित रैकेट चल रहा है। ऑयल डिपो से निकलने के बाद पंप तक पहुंचने से पहले ही गैंग के बदमाश ड्राइवरों की मिलीभगत से हजारों लीटर पेट्रोल-डीजल चुरा लेते हैं। उसकी जगह एथेनॉल, थिनर और केरोसिन तेल मिलाकर सस्ता मिलावटी ईंधन भर दिया जाता है। यह पूरा खेल महज 15 से 20 मिनट में पूरा हो जाता है।
भास्कर की एक टीम ने जोधपुर सालावास स्थित ऑयल डिपो से पेट्रोल-डीजल सप्लाई करने वाले टैंकरों का 1 महीने तक पीछा कर यह सच सामने लाया — कैसे सरकारी तेल आम जनता तक पहुंचने से पहले ही चोरी हो जाता है।
टैंकर नंबर 1: 15 मिनट में पानी की मोटर से 3 हजार लीटर तेल चोरी
रिपोर्टर ने टैंकर RJ13GB1370 का पीछा किया, जो ऑयल डिपो से निकलने के बाद तिंवरी-ओसियां रोड पर शिव शक्ति होटल के पास रुका।
पास के गैरेज में ड्राइवर और उसके साथी स्पेशल चाबी से टैंकर का ढक्कन खोलकर पाइप और पानी की मोटर से 2-3 हजार लीटर पेट्रोल-डीजल निकालते हैं।
इसके बाद उसी मात्रा में मिलावटी तेल वापस टैंकर में डाल दिया जाता है। पूरा खेल ड्रोन कैमरे में कैद हुआ — और पूरा ऑपरेशन सिर्फ 15 मिनट में पूरा हुआ।
टैंकर नंबर 2: रिपोर्टर की कार को टक्कर मारने की कोशिश
कुछ दिनों बाद रिपोर्टर ने हिंदुस्तान पेट्रोलियम के टैंकर RJ04GC5559 का पीछा किया।
60 किलोमीटर तक पीछा करने के बाद ड्राइवर को शक हुआ और उसने मदद के लिए अपने साथियों को बुला लिया।
एक पिकअप में सवार बदमाशों ने रिपोर्टर की कार को रोकने और टक्कर मारने की कोशिश की।
रिपोर्टर ने पास के पेट्रोल पंप पर कार रोकी और पुलिस को बुलाया, जिसके पहुंचते ही बदमाश फरार हो गए।
टैंकर नंबर 3: डिपो से सिर्फ 200 मीटर दूर ही चोरी
इंडियन ऑयल डिपो से निकले टैंकर RJ19GH1137 ने महज 200 मीटर चलकर सुनसान जगह पर टैंकर रोक दिया।
झाड़ियों की आड़ में ड्राइवर और उसका साथी पाइप डालकर टैंकर से तेल निकालने लगे।
निकाले गए तेल की जगह मिलावटी ईंधन भर दिया गया ताकि माप में फर्क न दिखे।
चोरी का माल कहां बिकता है?
गैंग के लोग यह चोरी किया पेट्रोल-डीजल ₹60 प्रति लीटर में हाईवे के वर्कशॉप्स और किराना स्टोरों को बेच देते हैं।
बाद में यही मिलावटी तेल बोतलों में भरकर ₹80–₹100 प्रति लीटर तक खुलेआम बिकता है।
जोधपुर के सालावास से बोरानाड़ा तक दर्जनों जगह यह अवैध व्यापार चल रहा है।
तेल कंपनियों का जवाब
इंडियन ऑयल डीपो के डीजीएम विकास जेना ने कहा —
“ड्राइवर रास्ते में बदमाशी करते हैं। हम सील और तकनीकी सुरक्षा को और मजबूत कर रहे हैं। ऐसी शिकायत मिलने पर ड्राइवर को बैन कर दिया जाता है।”
वहीं, एचपीसीएल डिपो मैनेजर हिमांशु मीणा का कहना है —
“टैंकरों में जीपीएस और सीलिंग सिस्टम लगाया गया है, जिससे चोरी रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं।”
