छठ पूजा पर ‘साफ यमुना’ का सच: वासुदेव घाट पर टैंकर से भरा गया पानी, सरकार के दावे पर उठे सवाल
प्रस्तावना
दिल्ली के वासुदेव घाट की एक तस्वीर छठ पूजा के दौरान सोशल मीडिया पर वायरल हुई। वीडियो में साफ-सुथरे पानी वाला घाट दिखा, जिसे दिल्ली BJP ने “असली यमुना” बताकर प्रचारित किया। लेकिन जब दैनिक भास्कर की टीम मौके पर पहुंची, तो कहानी कुछ और ही निकली।
टैंकर से भरा गया ‘साफ पानी’
घाट पर मौजूद मजदूरों और स्थानीय लोगों ने खुलासा किया कि यमुना का पानी नहीं, बल्कि सप्लाई और टैंकर से भरा गया पानी था।
“मैं 2-3 दिन से देख रहा था, यहां सप्लाई का पानी भरा जा रहा था। ये यमुना का पानी नहीं है,” – बटोही मंडल, घाट पर काम करने वाले मजदूर।
घाट के पास लकड़ी के तख्तों और बोरियों से पाइपलाइन को ढका गया था ताकि सप्लाई पाइप नजर न आए। मजदूरों ने बताया कि पिछले 10-15 दिनों से जेसीबी और क्रेन से सफाई के बाद घाट को सजाया गया और टैंकरों से पानी भरा गया।
यमुना की असली हालत: अब भी ‘नाला’
भास्कर टीम ने जब यमुना का असली पानी देखा, तो वो काला और बदबूदार था।
कश्मीरी गेट की ओर से आने वाला नाला सीधे नदी में गिर रहा था।
पास में रहने वाले श्याम ने कहा —
“यहां यमुना नाम की रह गई है। ज्यादातर तो नाले का ही पानी है। टैंकर से पानी डालकर दिखावा किया गया।”
सरकारी रिपोर्ट क्या कहती है?
दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) की 25 अक्टूबर 2025 की रिपोर्ट के मुताबिक:
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27 बड़े नाले यमुना में गिरते हैं।
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वजीराबाद के बाद पानी नहाने लायक नहीं है।
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BOD स्तर: 20 mg/l से ऊपर (मानक 3 mg/l)।
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फीकल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया: ISBT ब्रिज के पास 8000 MPN/100 ml (मानक अधिकतम 2500 MPN)।
इसका मतलब साफ है — यमुना में जैविक प्रदूषण बहुत ज्यादा है।
विशेषज्ञों की राय: “ईमानदारी से काम हो तो 6-7 साल में साफ होगी यमुना”
‘अर्थ वॉरियर’ संस्था के पंकज कुमार ने कहा —
“वजीराबाद बैराज के बाद यमुना का पानी इंसानी संपर्क के लायक भी नहीं है। नालों को ट्रीट किए बिना यमुना कभी साफ नहीं होगी।”
उन्होंने बताया कि झाग हटाने के लिए सिलिकॉन बेस्ड केमिकल का इस्तेमाल किया जा रहा है, लेकिन इससे पानी की गुणवत्ता नहीं सुधरती।
राजनीति और आरोप-प्रत्यारोप
छठ के बाद आम आदमी पार्टी ने BJP पर तीखा हमला बोला।
AAP के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा —
“प्रधानमंत्री के फोटोशूट के लिए नकली यमुना बनाई गई। इसमें गंगा का फिल्टर पानी लाया गया, जबकि गरीब लोग प्रदूषित यमुना में पूजा कर रहे थे।”
कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने भी कहा —
“अगर यमुना इतनी साफ हो गई है तो BJP नेताओं ने डुबकी क्यों नहीं लगाई?”
सरकार के वादे और योजनाएं
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EFC की बैठक (अप्रैल 2025): 27 STP और नई सीवरलाइन के लिए ₹3,140 करोड़ की मंजूरी।
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बजट 2025-26: यमुना सफाई के लिए ₹500 करोड़ आवंटित।
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नई योजना: 40 डीसेंट्रलाइज्ड STP बनेंगे ताकि सीवेज सोर्स पर ही ट्रीट किया जा सके।
हालांकि, DPCC की रिपोर्ट बताती है कि बवाना को छोड़कर 12 CETP क्षमता के हिसाब से काम नहीं कर रहे हैं।
