जोहरान ममदानी ने रचा इतिहास: ट्रम्प की धमकियों के बावजूद न्यूयॉर्क के सबसे युवा भारतवंशी मेयर बने
अमेरिका के सबसे प्रभावशाली शहर न्यूयॉर्क ने इस बार इतिहास रच दिया है। भारतीय मूल के डेमोक्रेटिक पार्टी उम्मीदवार जोहरान ममदानी ने न्यूयॉर्क मेयर चुनाव में शानदार जीत दर्ज की है। उन्होंने 50% से ज्यादा वोट हासिल किए, जबकि 10 लाख से अधिक लोगों ने उनके पक्ष में मतदान किया।
भारतवंशी और मुस्लिम – दोनों रूपों में ऐतिहासिक जीत
ममदानी न केवल न्यूयॉर्क के पहले भारतीय मूल के मेयर बने हैं, बल्कि वे शहर के पहले मुस्लिम और पिछले 100 सालों में सबसे युवा मेयर भी होंगे। इस ऐतिहासिक जीत के बाद न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन पैरामाउंट थिएटर में समर्थकों ने जोरदार जश्न मनाया।
ट्रम्प की धमकियों के बावजूद जनता ने चुना ममदानी को
चुनाव से पहले पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने धमकी दी थी कि अगर ममदानी जीतते हैं, तो वे न्यूयॉर्क की फंडिंग में कटौती कर देंगे।
लेकिन इन धमकियों का असर नहीं हुआ। न्यूयॉर्क के मतदाताओं ने डर नहीं, बदलाव को वोट दिया।
ममदानी ने जीत के बाद कहा —
“न्यूयॉर्क ने डर का जवाब उम्मीद से दिया है। आज हमने साफ कहा है — उम्मीद अभी जिंदा है।”
चुनावी नतीजे
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जोहरान ममदानी (डेमोक्रेटिक पार्टी): 50% से अधिक (10 लाख से ज्यादा वोट)
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एंड्रयू क्यूमो (स्वतंत्र उम्मीदवार): 41% (8.5 लाख वोट)
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कर्टिस स्लिवा (रिपब्लिकन पार्टी): 7.1% (1.45 लाख वोट)
न्यूयॉर्क सिटी बोर्ड ऑफ इलेक्शंस के मुताबिक, इस बार 1969 के बाद सबसे ज्यादा वोटिंग हुई — 20 लाख से अधिक मतदाताओं ने हिस्सा लिया।
ओबामा ने दी बधाई
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा —
“सभी डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों को जीत की बधाई। जब हम एकजुट होकर आगे की सोच रखने वाले नेताओं के साथ खड़े होते हैं, तो जीत मिलती है।”
हिप-हॉप से राजनीति तक का सफर
राजनीति में आने से पहले ममदानी एक हिप-हॉप रैपर थे। उनका गाना ‘कांडा’ युगांडा में वायरल हुआ था, जिसमें समाज की असमानताओं पर आवाज उठाई गई थी।
बाद में उन्होंने क्वींस (न्यूयॉर्क) में प्रवासी और मजदूरों के हक की लड़ाई में हिस्सा लिया और 2017 में डेमोक्रेटिक पार्टी से अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की।
2020 में वे न्यूयॉर्क स्टेट असेंबली के लिए चुने गए और दो बार निर्विरोध जीते।
ममदानी के 4 बड़े चुनावी वादे
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घर का किराया फ्रीज करना — ताकि महंगाई का बोझ कम हो।
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फ्री बस सर्विस — छात्रों और कामकाजी लोगों के लिए राहत।
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सरकारी किराना दुकानें खोलना — किफायती दरों पर जरूरी चीजें।
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बच्चों के लिए मुफ्त डे-केयर सुविधा — कामकाजी परिवारों को राहत।
“मैं न्यूयॉर्क को हर व्यक्ति के लिए रहने लायक बनाऊंगा”
ममदानी ने कहा कि उनकी नीतियां अमीरों के टैक्स से फंड होंगी। उनका अनुमान है कि इससे करीब 9 अरब डॉलर जुटाए जा सकते हैं।
उनकी योजनाओं को गवर्नर कैथी होचुल का आंशिक समर्थन मिला है, हालांकि उन्होंने इनकम टैक्स बढ़ाने पर आपत्ति जताई है।
ट्रम्प ने कहा था – “पागल कम्युनिस्ट”
ट्रम्प ने ममदानी को “क्रेजी कम्युनिस्ट” करार दिया था और चेतावनी दी थी कि अगर वे जीते, तो न्यूयॉर्क की फंडिंग रोक दी जाएगी।
हालांकि जनता ने ट्रम्प की अपील को ठुकरा दिया और ममदानी को रिकॉर्ड मतों से चुना।
न्यूयॉर्क की ताकत और जिम्मेदारी
न्यूयॉर्क सिटी की GDP 2.3 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा है — यानी अकेला न्यूयॉर्क, भारत की आधी अर्थव्यवस्था के बराबर है।
इसलिए यहां का मेयर बनना सिर्फ प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि अमेरिका की सबसे प्रभावशाली राजनीतिक कुर्सी संभालना है।
