करुण नायर का फूट पड़ा दर्द: बोले – “मैं इससे बेहतर का हकदार था” | रणजी में ठोके नाबाद 174 रन
कर्नाटक के स्टार बल्लेबाज़ करुण नायर एक बार फिर सुर्खियों में हैं। वजह सिर्फ़ उनकी शानदार 174 नाबाद रन की पारी ही नहीं, बल्कि टीम इंडिया से बाहर किए जाने पर उनका खुला बयान भी है।
नायर, जिन्हें आठ साल बाद इंग्लैंड सीरीज़ के लिए भारतीय टेस्ट टीम में मौका मिला था, ने टीम से बाहर किए जाने पर मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर और हेड कोच गौतम गंभीर पर अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधा है।
“मैं इससे ज्यादा बेहतर का हकदार था” – करुण नायर
गोवा के खिलाफ रणजी ट्रॉफी 2025–26 के दूसरे राउंड में नाबाद 174 रन की पारी खेलने के बाद नायर ने कहा,
“मैं टीम में जगह न मिलने से निराश हूं। पिछले दो सालों में मेरे प्रदर्शन को देखते हुए मुझे और मौके मिलने चाहिए थे। सिर्फ एक सीरीज़ के आधार पर फैसला लेना सही नहीं है। निजी तौर पर मुझे लगता है कि मैं इससे बेहतर का हकदार हूं।”
यह पारी नायर के फर्स्ट क्लास करियर का 25वां शतक था और इसने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह अब भी भारतीय टीम में वापसी की पूरी क्षमता रखते हैं।
इंग्लैंड सीरीज़ में संघर्ष और बाहर होने की वजह
इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए चार टेस्ट मैचों में नायर ने 205 रन बनाए, जिसमें केवल एक अर्धशतक शामिल था।
मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने उस समय कहा था,
“हमें उनसे इंग्लैंड में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी। चार टेस्ट में सिर्फ एक अर्धशतक काफी नहीं था।”
शुभमन गिल की कप्तानी में खेली गई यह 5 टेस्ट मैचों की सीरीज़ 2–2 से ड्रॉ रही।
चोट के बाद धमाकेदार वापसी
कुछ समय चोट के कारण बाहर रहने के बाद करुण नायर को दलीप ट्रॉफी और इंडिया-ए सीरीज़ के लिए नहीं चुना गया था। लेकिन रणजी ट्रॉफी में उन्होंने शानदार वापसी की।
पहले राउंड में 73 और 8 रन बनाने के बाद दूसरे राउंड में उन्होंने गोवा के खिलाफ नाबाद 174 रन ठोके और कर्नाटक को 371 रन तक पहुंचाया।
उनकी यह पारी घरेलू क्रिकेट में दमदार वापसी का ऐलान थी।
दूसरी तरफ ऑस्ट्रेलिया से बड़ी खबर: संघा लेंगे जम्पा की जगह
भारत के खिलाफ 29 अक्टूबर से शुरू होने वाली 5 टी-20 मैचों की घरेलू सीरीज़ के पहले मैच से एडम जम्पा ने निजी कारणों से नाम वापस ले लिया है।
उनकी जगह लेग स्पिनर तनवीर संघा को टीम में शामिल किया गया है। पहला मुकाबला कैनबरा में 29 अक्टूबर को खेला जाएगा।
नतीजा: फिर से चर्चा में करुण नायर
करुण नायर की यह पारी और बयान दोनों ही चर्चा में हैं। उन्होंने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि मेहनत और निरंतरता के दम पर वे अब भी राष्ट्रीय टीम में वापसी का दावा ठोक सकते हैं।
अब देखना यह होगा कि चयनकर्ता उनकी इस “बोलती हुई पारी” पर क्या फैसला लेते हैं।
